CROWधमतरी (रायपुर),  कौवे की याद पितृ पक्ष में ही आती है. ये चालाक व झिझकने वाले पक्षी होते हैं, इसलिए मनुष्य व इनकी दोस्ती मुश्किल मानी जाती है, लेकिन एक ऐसा भी शख्स है, जिसके 5-10 नहीं सैकड़ों कौवों से दोस्ती है. पितृ दूत से इनकी अनूठी दोस्ती को देख लोग भी दंग रह जाते हैं. कई कौवे तो इनकी हथेली से दाना चुगते हैं.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में ब्राम्हणपारा सदर बाजार निवासी प्रकाश आडवानी (52) म्युजिकल दुकान चलाते हैं, लेकिन इनके दिन की शुरूआत कौवों की कर्कश आवाज के साथ होती है. 30 साल से ये अपने घर की छत पर रोज सुबह 6 बजे कौओं को दाना खिला रहे हैं. छत के चारों ओर 350 से 400 कौवे बैठे रहते हैं. कौवों को दाना देने के बाद वे छत पर वाक करते हैं, इधर कौवे दाना चुगते रहते हैं. छत से जो दाना नीचे गिरता है, उसे अन्य पक्षी व कुत्ते

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