RUPEEनासिक,  नासिक करंसी प्रेस में 30 करोड़ खराब नोटों को जला दिया गया है. इन नोटों पर छपाई की गलती थी. जलाए गए सभी नोट एक हजार की वैल्यू वाले थे. छपाई में हुई इस गलती के मामले में नासिक करंसी प्रेस के तीन स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है.

हालांकि नासिक करंसी प्रेस का लेबर यूनियन मैनेजमेंट की इस कार्रवाई का विरोध कर रहा है. यूनियन का कहना है कि निलंबित कर्मचारियों को काम पर वापस बुलाया जाए. लेबर यूनियन के विरोध के बाद माना जा रहा है कि इसकी तपिश दिल्ली तक महसूस की जा सकती है क्योंकि नासिक करंसी प्रेस सीधे वित्त मंत्रालय के तहत आता है.

यूनियन का कहना है कि जलाई गई करंसी के बारे में कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है लेकिन इसके बावजूद प्रेस प्रबंधन ने तीन कर्मचारियों को इसके आरोप में निलंबित कर दिया है. अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि गलतियों को छुपाने के लिए इन्हें जला दिया गया है.

लेकिन 10 करोड़ नोटों की छपाई के बाद कर्मचारियों ने पाया कि उनमें सिल्वर थ्रेड नहीं दिख रहा है. समस्या का पता चलने के बाद जांच कमिटी भी बनाई गई जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है.

आंदोलन कर रहे कर्मचारी मुख्य अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं.

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