केंद्र से मिलने वाली राशि से असंतुष्ट हैं स्वसहायता समूहों के संचालक

बैरसिया, स्वसहायता समूह स्कूलों एव आँगनबाड़ी केन्द्रों पर छात्र-छात्राओं को तय मीनू के आधार पर मध्यान्ह भोजन नहीं दे पा रहे हैं. इसकी वजह यह है कि केंद्र से प्रति छात्र प्रति दिन के हिसाब से 4 रुपए 13 पैसे ही समूहों को दिए जा रहे हैं.

महिला स्वसहायता समूह महासंघ की प्रदेश अध्यक्ष सरिता ओम प्रकाश बघेल का कहना है कि इतनी कम राशि में तो बच्चों को पानी वाली दाल और जली रोटियां ही मिल सकती हैं. क्योंकि कम राशि मिलने के कारण मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता मेंटेन नहीं हो पा रही है और हम प्रमुख सचिव को भी अनेक बार पत्र लिख राशि एव गेंहू, चांवल आवंटन बढ़ाने की मांग कर चुके हैं.

समूहों को मंहगाई के चलते पौष्टिक आहार के लिये प्रति बच्चे 8-10 रूपए मिलना चाहिये. यह बात मिड डे मिल का मीनू तय करने वाली समिति भी मानती है कि केंद्र से राशि कम दी जा रही है. जबकि स्कूलों व आँगन बाड़ी केन्द्रों से छात्र उपस्थिति 100 प्रतिश भेजी जा रही है.

उधारी ले कर चला रहे हैं काम

बैरसिया के ग्राम चपडिय़ा में स्कूल एवं आँगनवाडिय़ों में भोजन सप्लाई करने वाले शिवशंकर स्वसहायता समूह संचालक का कहना है की हमें राशि बहुत कम मिल रही है. बनिये से उधार ले कर मध्यान्ह भोजन तो चला रही हूं.

परन्तु मेरे ऊपर कर्ज भी हो गया है. महंगाई के हिसाब से तो आजकल 4 रुपए में तो आयोडीन नमक तक नहीं मिलता है. फिर भी हम भोजन परोस रहे हैं.

आँगनबाड़ी केन्द्रों के लिये मध्यान्ह भोजन का तय मीनू                                              

कैलोरी – 400 ग्राम
प्रोटीन – 14 ग्राम
हाईजीनिक तेल, आयोडीन युक्त नमक, ऐगमार्क मसाले

ये दिया जा रहा है

गुरुवार को कढ़ी-चावल,
मंगलवार को खीर-पुरी
शेष दिन- रोटियां, दाल, हरी सब्जी

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