01nnभोपाल,  जब हम किसी गरीब असाक्षर महिला-पुरुष को पढऩा-लिखना सिखाते हैं तो साक्षरता की नई रोशनी से उनका जीवन जगमगा उठता है.
वे हमारे प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं. इससे हमें भी संतुष्टिï प्राप्त होती है. साक्षर भारत अभियान में हमें इसी सकारात्मक सोच के साथ रचनात्मक सार्थक प्रयास करने की जरूरत है.

प्रदेश के 42 जिलों के ग्रामीण अंचलों में लाखों महिला-पुरुषों को हमें साक्षर भारत अभियान से जोड़कर साक्षर बनाना हें. यह लक्ष्य हमें बड़ा जरूर लग सकता है, लेकिन ‘कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं, हारा वही जो लड़ा नहीं.Ó इसी उद्देश्य को आतमसात्ï करते हुये हमें साक्षर भारत अभियान को दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सफलता के साथ संचालित करना है.

उक्त विचार सुश्री शीला दाहिमा अपर मिशन संचालक राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा साक्षर भारत कार्यक्रम की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न जिलों के प्रौढ़ शिक्षा अधिकारियों को संबोधित करते हुये व्यक्त किये. यह राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण (राज्य शिक्षा केंद्र) द्वारा राज्य शिक्षा केंद्र के सभागार में एसआरसी भोपाल एवं एसआरसी इंदौर के अकादमिक सहयोग से आयोजित की गई.