surjewalaनई दिल्ली,   कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले को छुपाने और इस घोटाले में शामिल कंपनियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है.

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख व पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सीएजी की 11 मार्च 2016 की रिपोर्ट के अनुसार देश की छह प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने अपनी आय कम बतायी है. जिसके कारण सरकारी खजाने को साढ़े चार हजार रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. सुरजेवाला ने इन छह कंपनियों में भारती एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस, टाटा, आइडिया और एयरसेल के भी शामिल होने का आरोप लगाया है.

सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की सत्ता मे आने के पहले करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की बात कही थी जिसमें वह न खाएंगे और न खाने देंगे की बात दोहराते रहे . लेकिन मोदी का यह दावा भी खोखला निकला है. क्योंकि मोदी सरकार ही 45 हजार करोड़ रुपये के टेलीकॉम घोटाले को छुपाने का प्रयास कर रही है. जबकि सीएजी ने इस मामले में गड़बड़ी को पकड़ा है परन्तु केंद्र सरकार इन कंपनियों से बकाया लेने व जुर्माना ठोंकने के बजाय उन्हें बचाने में जूटी है.

उन्होंने कहा कि 1999 में भाजपा ने ही टेलीकॉम लाइसेंसिंग पॉलिसी लागू की थी. जिसमें कंपनियों को स्पेक्ट्रम इस्तेमाल करने के चार्ज का हिस्सा सरकार के साथ शेयर करना था और इसमें सरकार को सही हिस्सा मिले यह देखने का कार्य सीएजी का था. लेकिन सवाल यह है कि जब सीएजी ने इनकी जांच की है तो इन टेलीकॉम कंपनियों ने अपनी इनकम क्यों कम दिखाई है. इन्होंने 2006 से 2010 तक अपनी इनकम 45 हजार करोड़ कम बताई है.जिसे मोदी सरकार ने फिर से ऑडिट कराने का फैसला किया है.जिससे यह जाहिर होता है कि यह सरकार सभी नियमों को ताक पे रख कर अपने पूंजीपति दोस्तों की मदद करने का प्रयास कर रही है.

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