08pic2नई दिल्ली,  मध्य प्रदेश के जिला छतरपुर एवं सागर के लगभग 11 दलित परिवारों को हरियाणा में जबरन बंधक बनाने का मामला प्रकाश मे आया है. सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश के प्रयासों से 46 मजदूरों की रिहाई हुई है. पीडितों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे भी शामिल है.

स्वामी अग्निवेश ने आरोप लगाया है कि बिल्डर जमींदार नाम के व्यक्ति ने बंधक मजदूरों को झांसा देकर अच्छी मजदूरी के नाम पर दिल्ली से रोहतक हरियाणा में भवन निर्माण के काम में लगाया था. दर्दनाक बात यह है कि इन बंधुआ मजदूरों से जबरन बिना वेतन 3 माह काम लिया गया. इतना हीं नहीं वेतन मांगने पर उन्हें प्रताडि़त भी किया जाता था.

स्वामी अग्निवेश ने बताया कि जब उन्हें यह जानकारी मिली तो पुलिस की मदद मांगी गई और हरियाणा सरकार के आला अधिकारी व वहां मुख्यमंत्री से जब संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन कोई मुकम्मल जवाब नहीं मिला.बहुत दबाव डालने पर रोहतक पुलिस हरकत में आई तथा बंधक मजदूरों को ट्रक में लादकर दिल्ली जंतर-मंतर पर छोड गई.

भूख और पानी से त्रस्त मजदूरों को स्वामी जी ने खाना खिलाया.इसके साथ हीं उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया. इस संदर्भ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र भेज कर आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है.

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