kantilal_bhuria1झाबुआ,  रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र में लोकसभा उप चुनाव को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से आम सभा अंत्योदय मैेले जैसे कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र के मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए शासकीय मशीनरी का दुरूपयोग कर रहें है तथा दुसरी ओैर विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में अभी तक 1500 करोड़ रूपयों की जो घोषणा की है वह थोथी निराधार तथा भ्रम व भुलावे की राजनीति का ही मकडजाल है। शासन के खजाने में पंद्रह रूपये भी देने के लिए नहीं है। उक्त आरोप बुधवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में क्षेत्र के पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया ने लगाये।

उन्होने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तथा भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इस आदिवासी क्षेत्र के विकास में उनकी कोई रूचि नहीं है। पिछले तीन वर्ष में मुख्यमंत्री ने जो 115 करोड़ रूपये की घोषणाएं झाबुआ जिले में की थी उसका क्रियान्वयन अभी तक नहीं हुआ, वहीं 100 करोड़ रूपये का प्रबल घोटाला पेयजल एवं इससे संबद्व योजनाओं के क्रियान्वयन पर व्यय किया गया उसमें भी भारी-भरकम भ्रष्टाचार हुआ है, जिसकी भूरिया द्वारा स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाने की मांग की। भूरिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से उपर उठाने में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की प्रशंसा पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश पिछले बारह वर्षों से भ्रष्टाचार में देश का अग्रणी भ्रष्ट राज्य बन चुका है। जहां जन सामान्य, युवा वर्ग आज भी अपनी योग्यता के रहते हुए भी नौकरी में अच्छा स्थान नहीं बना पाया है। व्यापम घोटाला इसका ना केवल प्रमाण है वरन विश्व के गीनिज बुक में भी प्रदेश अब जुडने जा रहा है।

भूरिया ने संसदीय क्षेत्र में शासकीय मशीनरियों का दुरूपयोग तथा आचार संहिता लगने के पूर्व 1500 करोड़ की दस बडी घोषणाओं को महज एक चुनावी चाल बताई है तथा बताया कि क्षेत्र का आदिवासी आज भी मजदूरी के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहा है वहीं यूपीए के शासनकाल में मनरेगा तथा ग्रामीण विद्युतीकरण आवास योजना के अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं क्रियान्वित की जा रही थी उन्हें प्रतिबंधित कर आदिवासियों को अपने हक और अधिकारों से वंछित कर दिया है।

वहीं पंचायती राज में सरपंचों के अधिकारों का हनन कर अधिकारियों को संप्रभु बनाकर भ्रष्टाचार को बढावा देने में केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने भ्रष्ट तंत्र का खुला प्रमाण दिया है। सरपंचों के अधिकारों को छीने जाने से ग्रामीण क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहें है। अंत्योदय मेला मात्र दिखावटी व भ्रष्टाचार का मेला बनकर रह गया है। उन्होने आगे कहा फ्लोराइड पानी की बात तो दूर मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल युक्त पानी हेंडपंप और अन्य जलाशयों में तबदिल हो जाने से कृषि एवं पेयजल बुरी तरह प्रभावित हुआ है इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। भूरिया ने भाजपा तथा मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि थोथी घोषणाओं तथा शासकीय मशीनरी के दुरूपयोग करने से मुख्यमंत्री बाज आवें अन्यथा समय रहते इसका मुह तोड जवाब देने में कांग्रेस पीछे नहीं रहेगी.

तथा अधिकारीगण भी अपने धैेर्य और संयम का उपयोग करते हुए इस संसदीय क्षेत्र में अपने कर्तव्य का निर्वाह करें अन्यथा उनको भी इसके परिणाम भुगतना होंगे। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष सुश्री भूरिया, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल पडियार, प्रवक्ता आचार्य नामदेव, हर्ष भट्ट आदि उपस्थित थे।

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