30cpr5cmभोपाल,30 अप्रैल,नभासं. प्रदेश के अशासकीय विद्यालय अब छात्रों से मनमाने तरीके से फीस नहीं ले सकेंगे. अभिभावक शिक्षण सामग्री, गणवेश आदि भी खुले बाजार से खरीदने के लिये स्वतंत्र होंगे. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर आज राज्य शासन ने अशासकीय विद्यालयों के शुल्क निर्धारण के मार्गदर्शी निर्देश जारी कर दिये हैं.

उन्होंने अपने निवास पर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक बुलाई और इस विषय पर विस्तृत विचार-विमर्श कर दिशा-निर्देश जारी करने का आदेश दिये. मार्गदर्शी दिशा-निर्देश सभी विद्यालयों को उपलब्ध करवाये जा रहे हैं.

अगली कक्षा में शुल्क नहीं
विद्यालय में निरंतर अध्ययन करते रहने वाले विद्यार्थियों से अगली किसी कक्षा में प्रवेश पाने पर पुन: प्रवेश शुल्क नहीं लिया जायेगा. प्रवेश शुल्क की राशि एक वर्ष के शिक्षण शुल्क की राशि से अधिक नहीं होगी. यदि संस्था द्वारा शाला विकास शुल्क के नाम से राशि ली जाती है तो ऐसे शुल्क की राशि एक माह के शिक्षण शुल्क की राशि से अधिक नहीं होगी.

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