नई दिल्ली, 13 फरवरी. कर अपवंचन से सबसे अधिक धन विदेशी बैंकों में भारतीयों ने जमा कराया है जो तकरीबन 50 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 24.5 लाख करोड़ रूपया) है.

सीबीआई ने आज यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत का धन अवैध ढंग से मारीशस स्विट्जरलैन्ड लिस्टेनस्टीन ब्रिटिश वर्जिन द्वीपसमूह जैसी जगहों में पहुंचा है. ब्यूरो के निदेशक ए.पी. सिंह ने भ्रष्टाचार निरोधी तथा सम्पत्ति वसूली पर पहले इंटरपोल वैश्विक कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में कहा, भारतीयों का करीब 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर कर अपवंचन कर अवैध रूप से विदेशों में जमा है. स्विस बैंकों में सबसे अधिक धन जमा करने वाले भी भारतीय हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध धन के लेनदेन के बारे में सूचना हासिल करने में वक्त लगता है क्योंकि जिन देशों में यह धन जमा है वहां न्यायिक अनुरोध भेजकर जांचकर्ताओं को परत दर परत खंगालना पड़ता है. सिंह ने कहा, पारदर्शिता अंतरराष्ट्रीय सूची में 53 प्रतिशत देशों को कम भ्रष्ट बताया गया है जहां भ्रष्टाचार से अर्जित अधिकांश धन जाता है. इनमें न्यूजीलैन्ड सबसे कम भ्रष्ट देश है जबकि सूची में सिंगापुर का पांचवा तथा स्विट्जरलैन्ड का सातवां स्थान है.

काला धन वापस लाना कठिन : सामी

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री वी. नारायणसामी ने सोमवार को कहा कि सरकार को विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि उन देशों के पास इन बुराइयों पर रोक लगाने की राजनीतिक इच्छा शक्ति नहीं है. काला धन बरामद करने और उसकी जांच करने के तरीकों पर इंटरपोल अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नारायणसामी ने कहा कि काले धन की बरामदगी में दूसरे देशों से सहयोग की जरूरत पड़ती है.

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