भोपाल, 2 मई,नभासं. शत-प्रतिशत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज करने व जिले को अव्वल रखने के लिए भोपाल का जिला निर्वाचन कार्यालय लगातार प्रयास कर रहा है. तय फार्मूले के हिसाब से वर्तमान में जिले में 68 हजार मतदाता कम हैं, जिन्हें बीएलओ अब घर-घर जाकर खोज रहे हैं.

इनमें सर्वाधिक संख्या 45 हजार महिला मतदाताओं की हैं, जबकि 23 हजार पुरुष मतदाता हैं. बताया जा रहा है कि ये वे लोग हैं, जिन्होंने मतदाता सूची में नाम जुड़वाना उचित नहीं समझा या फिर नवीन कॉलोनियों के निर्माण के बाद शहर में स्थाई निवास बना लिया है. खास बात यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग भी इन मतदाताओं के नाम सूची में जोडऩे के लिए जिला प्रशासन को ताकीद की है और इसके लिए बीएलओ को घर-घर जाकर सर्वे करने को कहा है.

जनसंख्या बढ़ी तो मतदाता बढ़े- जनगणना के अनुसार जिले में 14 लाख 44 हजार मतदाता हैं, लेकिन जैसे-जैसे शहर की जनसंख्या बढ़ी वैसे-वैसे मतदाताओं की संख्या भी बढ़ रही हैं. वर्तमान में भोपाल की जनसंख्या 23 लाख 12 हजार हो गई है. इसके आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की संख्या का आंकलन 15 लाख 24 हजार के करीब लगाया है. जबकि जिले में कुल 14 लाख 56 हजार मतदाता हैं. इस आधार पर 68 हजार मतदाता अभी भी कम हैं, जिन्हें खोजने अभियान 15 अप्रैल से शुरू हो गया है और 31 मई तक चलेगा. ऐसे हो रहा सर्वे- इस सर्वे अभियान के तहत बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) अपने-अपने पोलिंग बूथ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक-एक घर का सर्वे कर मतदाताओं की जांच करेंगे. यह जांच पुरानी मतदाता सूची के अधार पर होगी. इस अभियान में मतदाताओं को नाम जोडऩे, जो अन्य जगह चले गए हैं, उनके नाम हटाने, 18 वर्ष की आयु के नए व्यक्तियों के नाम जोडऩे या जिन व्यक्तियों की मौत हो गई है, उनके नाम सूची से हटाने का काम किया जाएगा. इसके अतिरिक्त बीएलओ क्षेत्र व कालोनियों की तलाश कर रहे हैं जहां के मतदाता, सूची में नाम जुड़वाने से छूट गए हों.

पहले भी हो चुका है सर्वे- एक से 30 सितंबर 11 तक घर-घर सर्वे अभियान पहले भी चलाया जा चुका है. उस समय जनगणना के आंकड़ों के आधार पर 57 हजार मतदाताओं को तलाशा जा रहा था. इस जांच में चौकाने वाले आंकड़े सामने आए थे. 87 हजार मतदाताओं के नाम हटे गए थे. इसके बाद तलाशे जाने वाले मतदाताओं की संख्या 1 लाख 34 हजार हो गई थी. इनमें से अधिकतर मतदाता वे थे, जिन्होंने अपने घर परिवर्तित कर अन्य कॉलोनियों में निवास करना शुरू कर दिया था. हालांकि इसके बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम जुड़ गए थे. इसके बाद मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या जनगणना के आंकड़े को पार कर 14 लाख 46 हजार से अधिक पहुंच गई थी.

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