ngt1नई दिल्ली,  एनजीटी ने राज्यों के 15 शहरों में बढ़ते प्रदूषण के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए सभी राज्यों के वकीलों से कहा है कि अगर वे कल तक इस बात की जानकारी नहीं दे पाये कि उनके राज्य का कौन-सा शहर सबसे प्रदूषित है, तो वहां के मुख्य सचिव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया जायेगा.

एनजीटी ने इन 15 शहरों में से 11 बड़े शहरों लखनऊ, बेंगलुरू, पटना, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, पुणे, कानपुर, जालंधर, वाराणसी और अमृतसर को वाहन प्रदूषण के सभी आंकड़े मुहैया कराने के लिए कल तक का समय दिया है. एनजीटी में आज 15 शहरों में बढ़ते प्रदूषण के मामले में सुनवाई हुई.

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 15 शहरों में वायु गुणवत्ता का आंकड़ा एनजीटी को सौंपा, किन्तु उसने इस पर नाराजगी जतायी. उसने कहा – सभी राज्यों के अधिवक्ता कल तक इस बात की जानकारी अगर नहीं देंगे कि उनके राज्य का कौन-सा शहर सबसे ज्यादा प्रदूषित है तो राज्य के मुख्य सचिव के खिलाफ वारंट जारी कर दिया जायेगा.

उधर इस मामले में केन्द्र सरकार का भारी उद्योग मंत्रालय एनजीटी में पहुंचा और अनुरोध किया कि डीजल वाहनों पर प्रतिबंध को 11 अन्य शहरों में नहीं लागू किया जाये. मंत्रालय का कहना है कि इससे न केवल स्थानीय उद्योगों पर विपरीत असर पड़ेगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी प्रभावित होगा.

एनजीटी ने कहा है कि प्रत्येक राज्य को कल तक यह अवश्य बताना होगा कि उसका सबसे प्रदूषित शहर कौन सा है. शहर में कितने वाहन और कितनी आबादी है. आंकड़े इस माह तक के होने चाहिए.

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