किसान महासम्मेलन में पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान

  • बालाघाट के वारासिवनी में किया किसान समृद्धि योजना का शुभारंभ

भोपाल,

बालाघाट जिले के वारासिवनी में किसान सम्मान यात्रा के समापन पर किसान महासम्मेलन का आयोजन किया गया. यहां से किसान समृद्धि योजना का शुभारंभ भी किया गया.

इस मौके पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ई-बैकिंग के जरिए बालाघाट के 70 हजार किसानों के बैंक खातों में 57 करोड़ 87 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की. सीएम ने कहा कि किसानों ने बालाघाट को धान का कटोरा बना दिया है. उन्होंने कहा कि हमनें किसानों को बिना ब्याज का कर्ज दिया, कोई तूफान हमारा रास्ता नहीं रोक सकता. भाजपा सरकार ही किसानों को संकट से पार लगाएगी.

किसानों के लिए ऋण समाधान योजना बनाई गई है. उन्होंने कहा कि किसानों की फसलें मैं कम दामों पर बिकने नहीं दूंगा. किसानों को कभी बर्बाद नहीं होने दूंगा. प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई सरकार करेगी. हमें खेती को फायदे का धंधा बनाना है. वारासिवनी आज इस समारोह से इतिहास रचने जा रहा है.

किसान समृद्धि योजना में देंगे 332 करोड़, इसके साथ ही 200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान बेचने वाले किसानों के खाते में 332 करोड़ रुपए ट्रांसफर कराए जाएंगे. किसानों की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएंगे. प्रदेश में किसानों को खुशहाल करने के काम में सरकार जुटी रहेगी.

संविदा की व्यवस्था को खत्म करेंगे

हम जल्द ही एक लाख नौकरियां निकालने जा रहे हैं. इसमें प्रदेश के युवाओं को नौकरी मिल सकेगी. बेरोजगारी को हटाना है. साथ ही हमने संविदा की व्यवस्था को खत्म करने का निर्णय लिया है. संविदा शोषण की व्यवस्था है. इसे खत्म कर रहे हैं और योग्य और काबिल लोगों को परमानेंट नौकरी दी जाएगी.

किसानों के पसीने की पूरी कीमत मिलेगी

सीएम शिवराज ने कहा कि किसान समृद्धि योजना का पैसा केवल बालाघाट के किसानों के खाते में नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के सभी पात्र किसानों के खाते में यह पैसा पहुंचाया जा रहा है. मेरे किसान भाइयों अपने उत्पादों के कम कीमत पर बिकने पर परेशान मत होना. तुम्हारे पसीने की पूरी कीमत तुम्हें मिलेगी.

कृषि उद्यमी योजना में 2 करोड़ तक का लोन

शिवराज ने यह भी एलान किया कि किसान की फसल खराब होगी तो 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से उसे राहत दी जाएगी और फसल बीमा का भी लाभ दिया जायेगा. इसके अलावा किसान बेटे-बेटी अगर खेती से संबन्धित कोई उद्यम शुरू करना चाहते हो तो युवा कृषक उद्यमी योजना में 10 लाख से 2 करोड़ रुपये तक ऋण दिया जायेगा और लोन की गारंटी भी प्रदेश सरकार लेगी.

घास फूस की झोपड़ी बनेगी पक्की

शिवराज ने कहा कि मजदूरी करने वाले जितने भाई-बहन हैं, उनके कल्याण के लिए मैंने असंगठित मजदूर कल्याण योजना बनाई है. योजना में रहने की ज़मीन का मालिक हर गरीब बनाया जाएगा. जिनकी घास-फूस की झोपड़ी होगी, उसे पक्का मकान दिया जायेगा. पहली से पीएचडी तक की फीस भी सरकार भरेगी.

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