08 july chp 02छतरपुर 08 जुलाई। नकली नोटों का कारोबार बड़े स्तर पर फल-फूल रहा है। जल्दी पैसा कमाने और विलासिता का जीवन जीने के चलते नकली नोटों के इस कारोबार में युवा बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। हाल ही का ताजा मामला है जहां जिले में नकली नोटों को चलाने/सफ़्लाई करने में 5 युवक कार से छतरपुर आ रहे थे जो मातगुवां थाना में पकड़े गए हैं।

मामला जिले के मातगुवां थाना क्षेत्र का है जहां देर रात चैकिंग के दौरान शेवरलेट बीट कार (नंबर एमपी 04 सीजे 3449) जिसमें सवार 5 लोगों की चेकिंग की गई तो उनके पास से सत्तर हजार रुपये के नकली नोट बरामद किये गए। पकड़े गए आरोपियों में रीतेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, सचिन अग्रवाल निवासी बड़ामलहरा, पुरूषोत्तम अग्रवाल निवासी सड़वा एवं प्रदीप अग्रवाल निवासी जबलपुर शामिल है।

पूछने पर उन्होंने बताया कि हम यह नकली नोट रीवा जिला के सिमरिया निवासी व्यापारी रोशन लाल से लेते थे जो कि हमने पचपन हजार रुपये में एक लाख के नोट देता था जिन्हें कि हम बाजार में आसानी से चला देते थे और हम नोटों को चलाने ही छतरपुर शहर जा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों ने यह भी बताया कि इसके पहले भी हम यह काम कर रहे थे और 5 से 6 बार में हम आठ से 10 लाख रुपये के नकली नोट बाजार में चला चुके हैं। इन नोटों की तारीफ़ यह है कि नकली होने के बाबजूद कोई आम आदमी तो क्या बैंक वाले भी आंखों से चेक नहीं कर सकते हैं। सिवाय मशीन के, इन नोटों में गांधी जी का वाटर प्रिंट भी साफ़ नजर आता है। पकडे गए सभी आरोपी छतरपुर जिले के ही बड़ामलहरा थाना क्षेत्र के हैं और सभी व्यापारी भी है। वहीं पुलिस ने सभी आरोपियों से 5 मोबाईल, एक कार और नकली नोट बरामद कर गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है, और कानूनी कार्यवाही कर इन्हें जेल भेजा जा रहा है।

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