गृहमंत्री चिदम्बरम ने किया आश्वस्त

भोपाल,5 जून,नभासं. भोपाल गैस त्रासदी प र बने मंत्री समूह के अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने आज आश्वास्त किया कि हादसे के बाद से कार्बाइड़ परिसर में जमा रासायनिक कचरे के निपटारे से संबंधित फैसला आठ जून को दिल्ली में होने वाली मंत्री समूह की बैठक में लिया जाएगा.

मंत्री समूह के दो अन्य सदस्यों केंद्रीय विधि व न्याय मंत्री सलमान खुर्शीद और पीएमओ में राज्य मंत्री वी नारायण सामी के साथ भोपाल पहुंचे चिदम्बरम ने को यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि भोपाल में जमा 390 टन कचरे में से 40 टन कचरे का निपटारा हो चुका है.जबकि शेष 350 टन रासायनिक कचरे के निपटारे के लिए जबलपुर उच्च न्यायालय के निर्देश के आधार पर गुजरात के अंकलेश्वर, मध्यप्रदेश के पीथमपुर और महाराष्ट्र के तमोजा में कोशिश हुई, लेकिन तीनों राज्यों की सरकार और स्थानीय लोगों की आपत्ति के कारण यह कोशिश सफल नहीं हुई.उन्होंने कहा कि यूनियन कार्बाइड संयंत्र परिसर के गोदाम में पडे 350 मैट्रिक टन घातक रसायनो के कचरे के निष्पादन के लिए जर्मनी की एक कंपनी तैयार हो गई र्है. इस कंपनी के प्रतिनिधियों ने सोमवार को भोपाल में केन्द्र और राज्य सरकार के सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस कचरे के निष्पादन के संबंध में प्रेजेंटेशन दिया है.

उन्होने कहा कि जर्मनी की कंपनी द्वारा इस कचरे के निष्पादन के संबंध में अंतिम निर्णय दिल्ली में आगामी आठ जून को जीओएम की बैठक में लिया जायेगा. चिदम्बरम ने कहा कि बीते शुक्रवार को हुई मंत्री समूह की बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया गया.इस सम्बंध में आठ जून को दिल्ली में होने वाली मंत्री समूह की बैठक में फैसला ले लिया जाएगा. उसी के आधार पर कचरा निपटारे के सम्बंध में सर्वोच्च न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाएगा.चिदंबरम ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यूनियन कार्बाइड संयंत्र के घातक रसायनों से आसपास की बस्तियों के क्षेत्र में भूजल दूषित होने के संबंध में राज्य सरकार को व्यवस्था करनी होगी. राज्य सरकार को इस कार्य के लिए केन्द्र सरकार पूरी आर्थिक सहायता प्रदान करेगा.

चिदम्बरम ने केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान पिछले तीन साल में हुए कार्यो का ब्यौरा भी दिया. चिदम्बरम के साथ-साथ खुर्शीद और सामी ने भी केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाई. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जबकि पूरी दुनिया आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है, इस समय भी भारत ने सभी चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी विकास दर बनाए रखने की कोशिश की है. केंद्र सरकार ने कमजोर वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रखी हैं.

संप्रग ने आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की

केन्द्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने आज कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रही आर्थिक मंदी की चुनौतियों का केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने सफलतापूर्वक सामना करते हुए देश वासियों की आर्थिक सुरक्षा और उसके कल्याण को सुनिश्चित किया है.

श्री चिदंबरम ने केन्द्रीय विधि मंत्री सलमान खुर्शीद और प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्य मंत्री नारायण सामी की उपस्थिति में यह दावा करते हुए कहा कि यूपीए वन सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल की तुलना में यूपीए टू सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में अधिक उपलब्धियां हासिल की गई है, लेकिन हम इन उपलब्धियों को देश की आम जनता को ठीक तरह से बता नही पाये है.इसलिए यूपीए टू के बारे में जनता में गलत धारणा बन रही है. यूपीए टू सरकार के कार्यकाल में देश की आर्थिक विकास दर सात प्रतिशत रही है जो सर्वाधिक दरों में से एक है.

पिछले वित्तीय वर्ष में अपैल 2011 से फरवरी 2012 के दौरान 28.40 अरब अमेरिकी डालर की एफडीआई इक्विटी में भारत में आई जो इसके पहले के वित्त वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत अधिक है. सरकार ने राष्ट्रीय विनिर्माण नीति वर्ष 2011-12 में घोषित की. इस नीति में वर्ष 2022 तक सकल घरेलू उत्पाद में विनिर्माण के हिस्सें को 25 प्रतिशत तक बढाने दस करोड अतिरिक्त रोजगारों का सृजन, राष्ट्रीय निवेश एवं विनिर्माण क्षेत्रों की स्थापना, घरेलू मूल्य संवर्धन स्तर को बढाने के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को बढावा देना है.
श्री चिदंबरम ने कहा कि यूपीए सरकार ने मध्यप्रदेश के बीना और पंजाब के भटिंडा में दो नए तेल शोधन संयंत्र शुरू किये गये है. देश में रिफाइनरों की क्षमता में करीब 25 मिलियन मैट्रिक टन की क्षमता बढाई गई है.

प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने पिछले 23 मार्च को गेल की 2200 किलोमीटर लंबी दाहेज-विजयपुर-दादरी-बवाना-नंगल- भटिंडा गैस पाईप लाइन राष्ट्र को समर्पित की है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करते हुए वर्ष 2011-12 के दौरान देश में 20502 मेगावाट की समग्र उत्पादन क्षमता के बिजली संयंत्र स्थापित किये है और इस दौरान 12160 मेगावाट क्षमता बढ़ाई गई है.केन्द्र सरकार ने इस दौरान करीब 34 लाख बीपीएल बिजली कनेक्शन प्रदान किए और लगभग आठ हजार गांवों में बिजली पहुंचाई है.

इसके साथ ही परमाणु सुरक्षा का सर्वाच्च स्तर सुनिश्चित करते हुए देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन बढाने के प्रयास जारी रखे और इस दौरान 3245 करोड यूनिट परमाणु ऊर्जा का रिकार्ड उत्पादन किया गया.देश में परमाणु बिजली उत्पादन क्षमता 4780 मेगावाट तक पहुंच गई है और सात नये परमाणु बिजली रिएक्टरों का निर्माण चल रहा है. श्री चिदंबरम ने कहा कि विश्व में दूरसंचार के क्षेत्र में दूसरा बडा बाजार भारत है. पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान देश में करीब 10 करोड नये टेलीफोन कनेक्शनों का इजाफा हुआ है.देश के करीब 62 हजार गांवो में ग्रामीण सार्वजनिक टेलीफोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के क्रियान्वयन से देश में नवजात शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी दर्ज हो रही है और संस्थागत प्रसव की संख्या में इजाफा हो रहा है.

जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं ेक लिए मुफ्त परिवहन, मुफ्त दवा और आहार तथा आपरेशन सहित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि इस अवधि में देश में करीब 51 हजार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले गये और लगभग पांच लाख अतिरिक्त क्लास रूम बनाए गए है. पिछले दो वर्षो में विभिन्न राज्यों में 6.82 लाख से अधिक शिक्षकों के पदों को मंजूरी दी गई है. देश के स्कूलों में चलाये जा रहे विश्व के सबसे बडे मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत 11 करोड से अधिक बच्चों को पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

श्री चिदंबरम ने कहा कि देश के लगभग 63लाख अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई तथा अल्पसंख्यकों को 154789 करोड रूपये से अधिक राशि का रिण उपलब्ध कराया गया है1 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए देश के 100 जिलों में राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम शुरू किया गया है और प्रसिद्ध चिकित्सा संस्थानों में आठ क्षेत्रीय वृद्धावस्था स्वास्थ्य देखभाल केन्द्र स्थापित किये गये है. उन्होंने कहा कि सरकार ने देश को झुग्गी मुक्त करने के लिए राजीव आवास योजना शुरू की है. इस योजना के तहत 12 वीं पंचवर्षीय योजना के तहत 250 शहरो को कवर किया जायेगा1साथ ही एक हजार करोड रूपये की प्रारंभिक राशि के साथ रिण जोखिम ग्यारंटी कोष ट्रस्ट की स्थापना को केन्द्रीय मंत्री मंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी है. गृह मंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में 4.40 करोड से अधिक परिवारो को रोजगार मुहैया कराया गया.

इस दौरान 161 करोड मानव दिवस रोजगार का सृजन किया गया और इस पर करीब 27 हजार करोड रूपये व्यय किये गये1मजदूरों की मजदूरी 65 रूपये से बढाकर 116 रूपये प्रतिदिन कर दी गई है. श्री चिदंबरम ने कहा कि देश में कृषि उत्पादों का रिकार्ड उत्पादन हुआ है और भंडारण भी रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है और समर्थन मूल्य में भी वृद्धि हुई है1निजी उद्यमी ग्यारंटी योजना के तहत देश में 15 मिलियन टन भंडारण की क्षमता का सृजन किया गया है. पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने वर्ष 2011..12 से 2016..17 की अवधि के लिए राष्ट्रीय डेयरी योजना के पहले चरण की मंजूरी दे दी है.देश में ग्रामीणों को बेहतर सुविधाए देने के लिए एक लाख गांवो में सामान्य सेवा केन्द्र स्थापित जा रहे है1यूआईडी.आधार.के तहत 20 करोड से अधिक लोगों का पंजीयन हो चुका है1

Related Posts: