पीएम आवास घोटाले में ईओडब्ल्यू की जांच कटघरे में

हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब, रिकार्ड भी तलब

जबलपुर: कटनी के विजय राघवगढ़ क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में जमकर बंदरबाट होने का आरोप व आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की जांच पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जस्टिस अंजुली पालो की एकलपीठ ने मामले में अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश देते हुए रिकार्ड पेश करने के निर्देश दिये है।यह मामला कटनी के विजय राघवगढ़ निवासी राकेश कुमार गुप्ता की ओर से दायर किया गया है।

जिसमें कहा गया है कि विजय राघवगढ़ नगर परिषद के अंतर्गत पीएम आवास में जमकर बंदरबाट हुई है। अपात्रों को उक्त योजना का लाभ देकर शासनको लाखों करोड़ों का चूना लगाया गया है। आवेदक का कहना है कि पात्र हितग्राहियों को उक्त योजना का लाभ नहीं मिला। बस व टै्रक्टर मालिकों को उक्त योजना का लाभ प्रदान किया गया, इतना ही नहीं जहां आवासों का निर्माणहोना था, वहां लोगों ने दुकानों व गोदामों का निर्माण कर लिया है, जो कि अनुचित है।

आवेदक का कहना है कि उक्त मामले की शिकायत उन्होने ईओडब्ल्यूमें की थी, जिसकी जांच भी हुई। आरोप है कि जांच में लापरवाही बरती गई और अधिकारियों व कर्मियों को बचाने की कोशिश की जा रहीं है। आरोप है कि सिर्फ और सिर्फ अपात्रों के बयान दर्ज किये गये, पात्र हितग्राहियों के नतो बयान लिये गये और न ही पेश किये गये दस्तावेजों को परखा गया। मामले में राहत चाही गई है कि वरिष्ठ अधिकारियों से उक्त मामले की जांच करायीजाये। मामले में गृह सचिव, डीजीपी, डीजी ईओडब्ल्यू, एसपी ईओडब्ल्यू, तत्कालीन सीएमओं विजयराघवगढ संजय समुद्रे, पटवारी सहित अन्य को पक्षकारबनाया गया है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश देते हुए रिकार्ड पेश करने के निर्देश दिये है।याचिकाकर्ता की ओर से सौरभ शर्मा व सौरभ साहू ने पक्ष रखा।

नव भारत न्यूज

Next Post

मालवा निमाड़ के लिए विशेष रणनीति बना रहे हैं कमलनाथ

Sun Nov 6 , 2022
कमलनाथ पिछले 3 दिनों से भोपाल में अपने निवास पर लगातार बैठकें कर रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की रणनीति बनाने में व्यस्त हैं। जाहिर है कांग्रेस 2023 के लिए तैयारी कर रही है। कमलनाथ के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती मालवा निमाड़ के भाजपा के गढ़ […]

You May Like