अभासे के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधन

भोपाल,8 दिसंबर.   मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के विकास का सुविचारित रोडमैप तैयार है. लोगों के परामर्श और सहयोग से बनी विकास योजनाओं के कारण आज मध्यप्रदेश ने 10.6 प्रतिशत की विकास वृद्धि दर हासिल की है.

वे आज यहाँ आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अखिल भारतीय सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों के 86वें आधार पाठ्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे. चौहान ने अपने ओजपूर्ण संबोधन में प्रशिक्षु अधिकारियों को भारत निर्माता बताते हुए उन्हें राष्ट्र और जनसेवा के प्रति समर्पित रहने की शिक्षा दी. उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में पद, सेवा और सुविधाएँ लोगों के कारण मिलते हैं और लोक कल्याण के लिये ही इनका उपयोग होना चाहिए. आम लोगों को समृद्ध और सम्पन्न बनाना सर्वोपरि कार्य होना चाहिए. चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों का आव्हान किया कि वे कर्त्तव्यों के प्रति सचेत रहें, कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखें और व्यवस्थाओं में लगातार सुधार के लिये नवाचार करते रहें. उन्होंने कहा कि सकारात्मक ऊर्जा और आनन्द के साथ किये गये कार्य ही सुफल देते हैं. गीता के श्लोक को उद्धृत करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कर्मयोगी की तरह कार्य करने की सीख दी. उन्होंने कहा कि लोगों से दूर रहकर राष्ट्र सेवा नहीं हो सकती. पद के अहंकार को छोडऩे की जरूरत है. सकारात्मक ऊर्जा और स्वस्थ दृष्टिकोण से ही उत्कृष्ट कार्य संभव है.

मध्यप्रदेश की प्रमुख योजनाओं और नवाचारों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सोच-समझ को आदर देना होगा. भ्रष्टाचार को घातक प्रवृत्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि सिस्टम में बदलाव लाकर और समय पर लोक सेवाओं के प्रदाय से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हो सकता है. सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री के.एल. अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक वर्ग के लिये विकास कार्यक्रम बने हैं. अकादमी के संचालक राकेश अग्रवाल ने आधार पाठ्यक्रम की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिये प्रमाण-पत्र एवं ट्राफी देकर सम्मानित किया.

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