स्टार टीवी नेटवर्क पर 6 मई से  नया टीवी शो सत्यमेव जयते लेकर आ रहे अभिनेता और निर्माता आमिर खान ने स्टार न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में शो से जुड़े सवालों पर खुलकर बात की.

आमिर ने बताया कि सत्यमेव जयते मेरे लिए एक सफर जैसा रहा है. यह एक बेहद जज्बाती सफर रहा है जिस दौरान बहुत से जज्बात मेरे अंदर दौड़े हैं.  जब उदय जी मेरे पास आए थे तो उन्होंने मुझे गेम शो ऑफर किया था. गेम शो में वो भी बहुत पैसे कमा लेते और मैं भी कमा लेता. गेम शो में मेरा वक्त भी बहुत कम लगता और पैसा भी ज्यादा कमाते. लेकिन गेम शो को मैं इतना एंजॉय नहीं कर पाता जितना इस शो को पर पाउंगा. गेम शो देखने में मजा आता है, मुझे भी मजा आता है लोगों को हारते या जीतते हुए देखकर. एक कंटेस्टेंट के तौर पर मैं भी कौन बनेगा करोड़पति में गया था तो मुझे प्रतियोगी बनकर ज्यादा मजा आया.

लेकिन मुझे नहीं लगता कि बार-बार एक जैसे सवाल पूछना कोई मजेदार काम है. मैंने उस वक्त गेम शो के लिए मना कर दिया था. मैंने कहा था कि टीवी बहुत ताकतवर माध्यम है और मैं इसका ऐसा इस्तेमाल करना चाहता हूं कि समाज में कुछ सार्थक बदलाव आए. मैंने कई महीने तक इस बारे में सोचा कि हमें क्या करना चाहिए. उसके बाद मैंने एक छोटी सी टीम बनाई और कहा कि अब अपने सफर पर निकल पड़ते है. मैं उस वक्त आश्वस्त नहीं था कि यह टीवी शो बन पाएगा या नहीं.

बस हम निकल पड़े यह सोचकर कि कुछ नया सोचेंगे और अगर टीवी शो भी नहीं बन पाया तो कम से कम हम देश को तो बेहतर जान ही पाएंगे. मैंने सिर्फ एंजॉय करने के लिए शुरुआत की थी. धीरे-धीरे हमको लगने लगा कि अब यह टीवी शो बन सकता है. फिर मैंने उदय को बुलाया और अपने आइडिया के बारे में बताया. उदय ने तुरंत हां कर दिया फिर मैंने कहा कि मुझे दो-तीन चीजें आपसे चाहिए. मैंने उनसे तीन चीजें मांगी पहली यह कि यह अलग-अलग भाषाओं में हो. क्योंकि अगर हमें लोगों के दिल को छूना है तो उनकी भाषा में बात करनी होगी. मेरी कोशिश यह होनी चाहिए कि यह लोगों तक उनकी जुबान में पहुंचे. मेरी इस ख्वाहिश पर उन्होंने तुरंत हामी भर दी.

मैंने फिर कहा कि यह प्रोग्राम दूरदर्शन पर भी आए. क्योंकि हिंदुस्तान में बहुत सी ऐसी भी जगह हैं जहां सिर्फ दूरदर्शन ही पहुंचता है. जब मैंने उदय से कहा कि मुझे दूरदर्शन पर भी आना है. स्टार के मुखिया से दूरदर्शन पर प्रसारित होने की बात कर रहा था. हो सकता था कि वो ना कर देते लेकिन उन्होंने कहा कि मेरी कोशिश रहेगी कि यह कार्यक्रम दूरदर्शन पर भी आए. फिर उन्होंने पूछा कि आपकी तीसरी मांग क्या है. मैंने कहा कि मुझे प्राइम टाइम में अपना शो नहीं प्रसारित करना है.   मैंने कहा कि मुझे यह कार्यक्रम संडे सुबह को दिखाना है. उन्होंने पूछा ऐसा क्यों तब मैंने कहा कि संडे सुबह को पूरा परिवार एक साथ घर पर होता है. मैं नहीं चाहता कि लोग भगदड़ में ये शो देखें.

मैं चाहता था कि परिवार इस शो को एक साथ मिलकर देखे, सुकून से बैठकर. आमिर से जब पूछा गया कि आजकल सच की जीत नहीं हो रही है और अगर सच जीत भी रहा है तो उसमें बहुत वक्त लग रहा है इस पर आमिर ने  कहा कि मेरा ये मानना है कि सच जीतता है लेकिन वक्त लगता है. सच उभर कर आता है, उसे छुपाया नहीं जा सकता, आप एक झूठ बोलते हैं, उसे छुपाने के लिए आप सौ झूठ और बोलते हैं लेकिन अंत में सच निकल कर आ ही जाता है. बोफोर्स घोटाले में जब अमिताभ बच्चन का उदाहरण दिया गया तो आमिर ने कहा कि अभी मैं उसी खास चीज पर टिप्पणी नहीं देना चाहूंगा लेकिन मेरा दिल ये कहता है कि, आप इसे मेरा आदर्शवाद भी कह सकते हैं, सच हमेशा जीतता है, सच को हमेशा जीतना चाहिए. कोशिश यही होनी चाहिए कि सच हमेशा जीते.

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