बकौल आमिर ‘मुझे नहीं लगता कि मैं कभी रियल टैटू बनवाऊंगा. ऐसा नहीं है कि मैं इन्हें पसंद नहीं करता या फिर इन्हें बनवाने में होने वाले दर्द से डरता हूं. मैं नहीं चाहता कि मेरी किसी फिल्म में ये अड़चन बनें. यदि मैं टैटू बनवा लूं और फिर किसी कैरेक्टर पर यह सूट नहीं करेंगे तो इसके लिए मेरे मेकअप आर्टिस्ट को खासी मेहनत करना पड़ेगी.

बॉलीवुड में कई कलाकारों ने फंकी व स्थायी टैटूज बनवा रखे हैं. कुछ कलाकार अपने किरदारों के लिए टेम्पररी टैटू बनवाते रहे हैं. आमिर खान ने भी फिल्म ‘गजनी’ के लिए शरीर पर लगभग एक दर्जन अस्थायी टैटूज बनवाए थे. अपने किरदारों को रियलिस्टक दिखाने के लिए आमिर हर जतन करते हैं. हालांकि असल जिंदगी में टैटू बनवाने का उनका कोई विचार नहीं है.

बकौल आमिर ‘मुझे नहीं लगता कि मैं कभी रियल टैटू बनवाऊंगा. ऐसा नहीं है कि मैं इन्हें पसंद नहीं करता या फिर इन्हें बनवाने में होने वाले दर्द से डरता हूं. मैं नहीं चाहता कि मेरी किसी फिल्म में ये अड़चन बनें. यदि मैं टैटू बनवा लूं और फिर किसी कैरेक्टर पर यह सूट नहीं करेंगे तो इसके लिए मेरे मेकअप आर्टिस्ट को खासी मेहनत करना पड़ेगी. इससे तो अच्छा है कि मैं टेम्पररी टैटू बनवा लूं.

हमने पूछा कि यदि वे कभी टैटू बनवाएंगे तो क्या अपने बेटे या पत्नी किरण का नाम लिखवाएंगे? आमिर ने कहा ‘नहीं. मैं लिखवाऊंगा ‘डेयर टू ड्रीम’. ऐसा इसलिए क्योंकि मैं सपने देखता हूं और पूरे भरोसे के साथ उन्हें सच करने की पुरजोर कोशिश भी करता हूं.’ आमिर खान एक्टर तो जबर्दस्त हैं ही, लेकिन उन्हें मार्केटिंग जीनियस भी कहा जाता है. इस टैग को वे कॉम्प्लिमेंट मानते हैं. वह कहते हैं ‘मैं ऑडिएंस के लिए फिल्म बनाता हूं तो इसे उन तक पहुंचाना भी मेरा ही काम है.’ आमिर का मानना है कि फिल्मों में जितनी मेहनत हम ऑनस्क्रीन करते हैं उतनी ही, बल्कि उससे ज्यादा ऑफस्क्रीन भी करना चाहिए.

मार्केटिंग को वे सबसे जरूरी पहलू मानते हैं. उन्होंने कहा ‘ढेर सारा पैसा लगाकर कोई फिल्म तैयार की जाती है. कलाकारों का करियर भी दांव पर लगा होता है. जी-तोड़ मेहनत करने के बाद यदि फिल्म ऑडिएंस तक पहुंचे ही नहीं तो इतनी मेहनत का क्या फायदा. सबसे जरूरी बात यही है कि फिल्म सही ऑडिएंस तक पहुंचे. मैं यह भी मानता हूं कि यदि प्रोडक्ट अच्छा है तो बिकेगा जरूर लेकिन उसे देखने की जिज्ञासा पैदा करना जरूरी है. फिल्म अच्छी है या नहीं यह तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा. इसलिए यह जरूरी है कि दर्शकों तक यह फिल्म पहुंचाई जाए.’

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