नयी दिल्ली, 5 जून. मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने केन्द्रीय संस्थानों के लिए प्रस्तावित साझा इंजीनियरिंग प्रवश परीक्षा की नयी व्यवस्था को राज्यों से भी अपने शिक्षा संस्थानों के लिए अपनाने का आज आह्वान किया.

श्री सिब्बल ने कहा कि यदि वे चाहें तो संशोधित रुप में इसे अपना सकते है. उन्होंने कहा कि राज्यों को अपनी राय इसी माह के भीतर देनी होगी ताकि केन्द्र इस मामले में आगे बढ सके. सिब्बल ने यहां राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में अपने संबोधन में आईआईटी- एनआईटी आदि संस्थानों के लिए साझा प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के केन्द्र के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह सभी पक्षों के साथ विचारविमर्श के बाद लिया गया है. उन्होंने कहा कि वह चाहते है कि राज्य इस पर विचार करें और फिर इसे अपनायें. यह परीक्षा आईआईटी आयोजित करेंगे और इससे राज्यों के संस्थानों में योग्य अभ्यर्थी आयेंगे और उनके छात्रों को जगह-जगह परीक्षाओं में बैठने से छुटकारा मिलेगा. श्री सिब्बल ने कहा कि नयी व्यवस्था के दो भाग होंगे-मुख्य तथा उन्नत राज्य बोर्ड परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा में छात्र के प्रदर्शन के अलग अलग अंक रखे जा सकते हैं.

यह राज्यों पर निर्भर होगा कि वे दोनों के लिए कितने-कितने अंक रखना चाहते हैं.  कुछ आईआईटी शिक्षकों द्वारा किये जा रहे विरोध के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था लागू करने का फैसला आईआईटी. आई आई आई टी तथा एनआईटी संस्थानों की परिषदों की बैठक में लिया गया था और किसी भी व्यक्ति ने असहमति नहीं जतायी थी.

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