सूरत, 7 नवंबर. जिस मंच पर प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी के बीच मतभेद दिखा उसी मंच पर केंद्र शासित प्रदेश, दमण-दीव एवं दादरा नगर हवेली में शनिवार को आडवाणी की जनसभा के दौरान अवैध शराब कारोबारी सुखा पटेल मंच पर नजर आया।

सुखा पर गुजरात में अवैध रूप से शराब बिक्री के लिए भिजवाने सहित 28 मामले दर्ज हैं। गुजरात में मद्य निषेध व्यवस्था लागू है। राज्य में शराब की खरीद-बिक्री और सेवन कानूनन अपराध है। आडवाणी के मंच पर सुखा की उपस्थिति ने आडवाणी को एक बार फिर विवादों में ला दिया है।

आडवाणी की देशव्यापी यात्रा की घोषणा के बाद मोदी ने अपने तीन दिवसीय सद्भावना उपवास की घोषणा की थी। इसे आडवाणी की योजना पर गुजरात के सीएम की जवाबी रणनीति के तौर पर देखा गया था। वैसे, आडवाणी अहमदाबाद पहुंचकर मोदी के इस उपवास में शामिल हुए थे। मोदी की नाराजगी की खबरों को उस समय और तूल मिला था जब वे दिल्ली में आयोजित पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। बताया जाता है कि वे संजय जोशी को कार्यकारिणी में शामिल करने के पार्टी प्रमुख नितिन गडकरी के फैसले से खफा थे। आडवाणी ने कई बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की भी प्रशंसा की है, जिसमें मोदी के मधुर संबंध नहीं है।

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