भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक

मुंबई, 25 मई। भाजपा के अंदर का कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी एक विवाद को निपटाती है तो फिर दूसरा खड़ा हो जाता है। संजय जोशी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफे के बाद जब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हुए तो पार्टी ने राहत की सांस ली लेकिन जब नितिन गडकरी को दूसरी बार अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी संविधान में संशोधन का प्रस्ताव पारित हुआ तो कहते हैं कि आडवाणी नाराज हो गए है।

सूत्रों का कहना है कि भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से गायब रहने वाले आडवाणी के साथ ही सुषमा स्वराज शुक्रवार को होने वाली पार्टी की रैली से किनारा कर लिया। ।  हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि आडवाणी का दिल्ली में कार्यक्रम पहले से तय था। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, आडवाणी पार्टी में संघ की बढ़ती दखलअंदाजी से भी नाराज हैं। आडवाणी का मानना है कि संघ के दबाव में नितिन गडकरी को दूसरी बार भाजपा अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया है। आडवाणी को लगता है कि 2009 के बाद से संघ ने उनके पर कतर दिए हैं। बताया जा रहा है कि आडवाणी कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की ओर से नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताए जाने से भी नाराज है। आडवाणी शुरू से ही येदियुरप्पा के खिलाफ रहे हैं। मालूम हो कि अनंत कुमार के बहाने येदियुरप्पा ने आडवाणी पर निशाना साधा था।

अंतरकलह छाया

मुंबई में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दूसरे दिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री यदियुरप्पा की मौजूदगी के बावजूद पार्टी के भीतर की अंतरकलह की झलकियाँ नजर आने लगी हैं. हालाँकि पार्टी ने अपने राजनीतिक प्रस्ताव में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर तीखे प्रहार करने की कोशिश की है लेकिन मीडिया का ध्यान भाजपा के अंतरद्वंद्व पर ही केंद्रित रहा है. कार्यकारिणी के बाद होने वाली रैली में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की अनुपस्थिति की बात सार्वजनिक होते ही ये कयास लगाए जाने लगे कि क्या ये नेता पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और उनकी मोदी के संदर्भ में तुष्टीकरण की नीति अपनाने से नाराज हैं? लेकिन भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन का कहना था, आडवाणी का कार्यक्रम पहले से तय था, इसलिए वे रैली में नहीं जा रहे. सुषमा स्वराज को शनिवार सुबह गाजियाबाद में एक कार्यक्रम में शामिल होना है, इसलिए वे भी रैली में शामिल नहीं हो पाएंगी.

मोदी हों पीएम पद के प्रत्याशी : येदियुरप्पा

मुम्बई . भारतीय जनता पार्टी आम चुनावों को ध्यान में रखकर अपने नेताओं के मनमुटाव दूर करने में लगी है और इसी दौरान कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पार्टी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की वकालत की है।

लगभग सभी गतिरोधों एवं मनमुटावों को पाटने के बाद भाजपा मुम्बई में चल रही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के क्वकुशासनक्व के खिलाफ राजनीतिक प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। इसी दौरान येदियुरप्पा मोदी के समर्थन में सामने आ गए हैं। येदियुरप्पा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मोदी के आने के बाद मुम्बई आने का निर्णय लिया। उन्होंने अनंत कुमार पर उनके एवं पार्टी के मध्य गलतफहमी उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पार्टी के लिए काम करेंगे। येदियुरप्पा ने मुम्बई में कहा, क्वपूरा देश मोदी को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहता है।  पार्टी को उन्हें (मोदी) 2014 के लिए अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए।क्व मोदी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी समर्थित अपने विरोधी संजय जोशी के इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को बैठक में हिस्सा लेने का फैसला किया।

विवाद के सभी मुद्दे सुलझने के बाद उम्मीद की जा रही है कि मोदी शाम को प्रस्तावित रैली में गडकरी के साथ मौजूद रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक रैली में येदियुरप्पा भी मौजूद रहेंगे। येदियुरप्पा ने गडकरी का समर्थन करते हुए पत्रकारों से कहा है कि पार्टी अध्यक्ष गडकरी को लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनने पर बधाई देने के लिए वह मुम्बई में हैं। उन्होंने कहा, क्वमैं गडकरी को दोबारा अध्यक्ष बनने पर बधाई देने के लिए मुम्बई में हूं। वह मेरे साथ हर परिस्थिति में चट्टान की तरह खड़े रहे हैं। इसलिए मैं उनसे अवश्य मुलाकात करूंगा।क्व

उन्होंने अनंत कुमार पर अपने बारे में अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें किसी पद की लालसा नहीं है और वह कर्नाटक में पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करना चाहते हैं। येदियुरप्पा ने कहा, क्वअनंत कुमार जो कर रहे हैं उसे बंद करना चाहिए या फिर पार्टी नेतृत्व कार्रवाई करेगा।क्व

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