सामाजिक सरोकारों में बैंक अग्रणी भूमिका निभाये.

भोपाल,31 जुलाई, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि सामाजिक सरोकारों और गरीब तबकों के उत्थान में बैंक अग्रणी भूमिका निभाएँ. उन्होंने कहा कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण के पीछे यही उद्देश्य था कि ग्रामीण अँचल तथा कृषि और गरीब तबकों के आर्थिक विकास में बैंकों का व्यापक योगदान मिले.

भार्गव आज अपने शासकीय आवास पर मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन और सिंडीकेट बैंक के मध्य हुए करारनामे के अवसर पर संबोधित कर रहे थे. राज्य में आवासहीन गरीब तबकों को आवास मुहैया करवाने के लिये मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन द्वारा विभिन्न बैंक के साथ करार किये जा रहे हैं. अब तक 5 राष्ट्रीयकृत बैंक और 3 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के साथ करारनामे सम्पन्न हो चुके हैं. गोपाल भार्गव की मौजूदगी में राज्य शासन की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण श्रीमती अलका उपाध्याय और सिंडीकेट बैंक के उप महाप्रबंधक एन. हरिहरण ने आपसी करारनामे पर हस्ताक्षर किये. हरिहरण ने कहा कि सिंडीकेट बैंक की प्रदेश के 35 जिलों में कुल 65 शाखाएँ हैं.

सिंडीकेट बैंक ग्रामीण आवासहीन हितग्राहियों को प्राथमिकता से ऋण उपलब्ध करवाने में योगदान करेगी. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के मुख्य महाप्रबंधक आर.के. गोठियाँ और सिंडीकेट बैंक के मुख्य प्रबंधक विनोद सिंह वेदी तथा ग्राहक सम्पर्क प्रबंधक राजेन्द्र सिंह चौहान भी मौजूद थे. इस योजना में राज्य शासन की ओर से 30 हजार का अनुदान आवासहीन हितग्राही को दिया जाता है और मात्र 10 हजार की राशि हितग्राहियों को अपनी ओर से देना होती है. अब तक प्रदेश में इस योजना में 3 लाख से अधिक आवेदन-पत्र प्राप्त हो चुके हैं. इनमें से एक लाख 15 हजार से अधिक आवेदन बैंक को भेजे जा चुके हैं और बैंक द्वारा करीब 60 हजार आवेदन-पत्र को मंजूरी दे दी गई है. इस योजना में 21 हजार से अधिक आवास का निर्माण प्रगति पर है.

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