नई दिल्ली, 22 जून. लिएंडर पेस की हटने की धमकी का सामना कर रहे अखिल भारतीय टेनिस संघ ने अपने एक चयनकर्ता को इस अनुभवी खिलाड़ी को मनाने के लिए लंदन भेजा है, पेस लंदन ओलंपिक खेलों की पुरुष युगल स्पर्धा के लिए अपने पसंद का जोड़ीदार नहीं मिलने से नाराज हैं.

पेस सातवीं रैंकिंग के साथ दुनिया के शीर्ष 10 खिलाडिय़ों में शामिल होने की वजह ओलंपिक में सीधे प्रवेश करने वाले एकमात्र भारतीय थे. वह हालांकि लंदन खेलों में काफी कम रैंकिंग वाले विष्णु वर्धन (विश्व रैंकिंग 206) के साथ जोड़ी बनाए जाने से निराश हैं.  इससे पहले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना ने पेस के साथ जोड़ी बनाने से इनकार कर दिया था और खुद की जोड़ी भेजने पर जोर दिया था, जिसके बाद एआईटीए ने ओलंपिक में दो टीमें भेजने का फैसला किया. एआईटीए ने समझौते के लिए जो फार्मूला निकाला उसके तहत पेस को ओलंपिक में मिश्रित युगल में सानिया मिर्जा के साथ जोड़ी बनाने को मिलेगी, फिर चाहे सानिया को वाइल्ड कार्ड की क्यों नहीं मिले.

लेकिन अगर ऐसा होता है तो हाल में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वाले सानिया और भूपति की जोड़ी टूट जाएगी. सभी को संतुष्ट करने में नाकाम रहने के बाद एआईटीए यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि नाराज पेस खेलों से नाम वापस नहीं लें. एआईटीए सूत्रों ने कहा कि एआईटीए के सीनियर चयनकर्ता रोहित राजपाल पेस से बात करने और उन्हें दो टीमें भेजने के फैसले पर मनाने के लिए लंदन गए हैं. प्रष्टियां भेजने की समय सीमा समाप्त होने से कुछ घंटे पहले ही कल समझौते के फॉर्मूले की घोषणा की गई थी.   इसका मतलब हुआ है कि अगर सानिया को उम्मीद के मुताबिक वाइल्ड कार्ड के जरिये सीधा प्रवेश मिलता है, तो भारत कम से कम तीन स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेगा. वाइल्ड कार्ड की घोषणा आईटीएफ 28 जून को करेगा.

लक्ष्मण रेखा पार नहीं कर सकता

केन्द्रीय खेल मंत्री अजय माकन ने लंदन ओलंपिक के लिए भारतीय टेनिस टीमों के चयन में किसी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप से इनकार करते हुए आज कहा कि वह चयन प्रक्रिया की लक्ष्मण रेखा पार नहीं कर सकते. माकन ने यहां इंडियन वुमैन प्रेस कार्पस  में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भारतीय टेनिस में चल रहे विवाद और ओलंपिक के लिए युगल टीमों के चयन को लेकर उठे तूफान पर कहा कि मैं पहले तो लिएंडर पेस महेश भूपति और रोहन बोपन्ना सहित सभी खिलाडियों से अपील करता हूं कि वे देश हित में निजी हितों को छोड दें.और ओलंपिक में देश के लिए खेलें.

खेल मंत्री ने कहा कि हमारे पास खिलाडियों की शिकायत आई थी तभी मैंने पहले प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. लेकिन खेल महासंघों की चयन प्रक्रिया में हमारा हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं है. मैं हमेशा खेल महासंघों की चयन प्रक्रिया की पवित्रता की लक्ष्मण रेखा को बनाए रखने के पक्ष में हूं… माकन ने साथ ही कहा खेल मंत्री के रूप में मैं चयन प्रक्रिया की लक्ष्मण रेखा को पार नहीं कर सकता. यदि मैंने ऐसा किया तो गलत परम्परा की शुरूआत हो जाएगी और इसके भविष्य में गलत परिणाम सामने आएंगे. इसी के मद्देनजर हमने टेनिस टीमों के चयन का फैसला अखिल भारतीय टेनिस संघ पर छोड दिया था.

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