बाघ की ताक में शिकारियों के घूमने की आशंका

रीछन खोह के पास गाय को बनाया निशाना

भोपाल, 13 सितंबर. बाघ ने मंगलवार सुबह फिर एक शिकार किया है. पिछले चार दिनों से बाघ की खोज खबर में जुटा अमला लगातार सक्रियता बरत रहा है. शिकार की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे अमले को बाघ के पगमार्क मिले हैं, जिसके अनुसार बाघ कलियासोत की तरफ चला गया है.

जानकारी के अनुसार बाघ ने एक बार फिर पालतू पशु को निशाना बनाया है. इस बार बाघ ने रीछनखोह गांव के पास गाय का शिकार किया. बाघ ने यह शिकार अलसुबह किया है. शिकार की सूचना मिलने के बाद वन विभाग का अमला सर्तक हो गया और शिकार स्थल पर पहुंच गया. यहां बाघ के पगमार्ग देखे गए हैं, जिसके आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि बाघ शिकार करने के बाद कलियासोत डेम की तरफ चला गया है.

हो सकता है बाघ का शिकार
इधर बाघ के उपर घात लगाकर जंगल और आसपास के इलाके में घूमते हुए कुछ संदिग्ध लोगों को देखे जाने की भी खबर मिली है. सूत्रों ने बताया कि ये लोग शिकारी हो सकते हैं और बाघ का शिकार करने की नीयत से इन इलाकोंं में भटक रहे हैं.
हालांकि वन विभाग के अधिकारियों सहित अमला इस इस और भी पूरी तरह से ध्यान दे रहा है और सतर्क है. ग्रामीणों के अलावा अन्य किसी भी अपरिचित या संदिग्ध व्यक्ति के घूमते पाए जाने पर सख्ती बरती जा रही है. लेकिन गुप्त सूत्रों से इलाके में हथियार बंद शिकारियों के घूमने की खबर नेे अधिकारियों के भी कान खड़े कर दिए हैं. और अधिकारी सहित अमला चौकन्ना हो गया है.

विभाग बनाएगा मुखबिर तंत्र
केरवा डेम और कलियासोत इलाके में बाघ के शिकार के लिए शिकारियों की घूमने की खबर को वन विभाग के अधिकारियों ने काफी गंभीरता से लिया है. हालांकि अधिकारी अधिकृत रूप से इस बारे में कुछ भी कहने से बचते रहे, लेकिन आफ द रिकार्ड मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग पूरे इलाके में अपना सूचना तंत्र तैयार कर रहा है.
अभी तक विभाग ने लगभग हर इलाके में अपना सूचना तत्र विकसित कर लिया है और लगातार इसे पुख्ता बनाने पर काम किया जा रहा है, ताकि शिकारियों और क्षेत्र में अन्य लोगों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके. इसके लिए मुखबिरों की मदद भी ली जा रही है.

कलियासोत के पास है बाघ
सुबह बाघ द्वारा किए गए शिकार के बाद जो पगमार्क मिले हैं उसके आधार पर पुष्टिï हुई है कि बाघ कलियासोत डेम की तरफ चला गया है. इसके पहले विगत चार दिन से बारिश के कारण न तो बाघ के पगमार्क मिल रहे थे और न ही उसकी खबर लग पा रही थी. अमला लगातार पैदल गश्त कर रहा है और ग्रामीणों को भी सुरक्षा के चलते हिदायत दी जा रही है. गौरतलब है कि सोमवार को पीसीसीएफ वन्य प्राणी ने केरवा और कलियासोत के इलाकों का दौरा किया था और अधिकारियों से विस्तार से बाघ और उससे जुड़े रह पहलू की जानकारी ली थी.

Related Posts: