नई दिल्ली. भारत में विपणन वर्ष 2011-12 (अगस्त से शुरू) के दौरान बादाम की मांग 12 फीसदी बढ़कर 65,000 टन तक पहुंच सकती है। अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) की एक रिपोर्ट के मुताबिक बादाम की कीमतों में लगातार तेजी के बावजूद इसकी अच्छी मांग निकल सकती है। हालांकि इस साल खाद्य महंगाई ज्यादा होने के कारण दिवाली की मांग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। आमतौर पर देश में दिवाली पर बादाम समेत सभी मेवों की जोरदार मांग रहती है।

यूएसडीए की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते विपणन वर्ष 2010-11 में देश की अनुमानित मांग 58,000 टन रही। रिपोर्ट के अनुसार बादाम में पौष्टिक तत्वों की वजह से इसके सेवन को लेकर उपभोक्ता उत्सुक हो रहे हैं। हालांकि इसकी कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कनफेक्शनरी और स्नैक्स इंडस्ट्री की ओर से बादा की मांग लगातार बढ़ रही है। इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि खाद्य वस्तुओं की महंगाई की वजह से दीवाली के दौरान इसकी मांग नकारात्मक तौर पर प्रभावित हो सकती है। हालांकि पारंपरिक तौर पर इस समय बादाम की मांग ज्यादा रहती है। भारतीय बाजार में कीमत को लेकर यूएसडीए ने कहा कि विपणन वर्ष 2010-11 के मई-जुलाई तिमाही में त्योहारी सीजन (सितंबर 2011-जनवरी 2012) में बादाम की कीमत में तेजी दर्ज की गई। वर्ष 2011 में मई-जुलाई महीने में बादाम की कीमत 35,000 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 37,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

Related Posts: