राजधानी में आज से शुरू होगा नेशनल नॉलेज-नेटवर्क

भोपाल,20 मार्च, मध्यप्रदेश के लिये यह निश्चित ही बड़ी उपलब्धि है कि यहाँ के विश्वविद्यालय, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षण संस्थान अपने क्षेत्रों में ज्ञान के वैश्विक विस्तार में हम-कदम होने जा रहे हैं.

केन्द्र और राज्य सरकार के विभिन्न संस्थानों को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर इंटरनेट के जरिये आपस में जोडऩे का बीड़ा उठाया गया है. इसी परिप्रेक्ष्य में राजधानी में नेशनल नॉलेज-नेटवर्क (एनकेएन) और पॉइन्ट ऑफ प्रजेंस (पीओपी) की 21 मार्च को शुरू आत हो रही है. सभी संबंधित संस्थानों को इस जुड़ाव को लेकर वैचारिक विमर्श में शरीक करने के लिये इसी दिन एक कार्यशाला भी की जा रही है.

शुभारंभ प्रात: 9 और कार्यशाला 10 बजे- केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय सूचना केन्द्र (एनआईसी) और इसकी मध्यप्रदेश इकाई के तत्वावधान में नेशनल नॉलेज-नेटवर्क का शुभारंभ मंत्रालय के समीप विंध्याचल भवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय करेंगे. इसके फौरन बाद प्रशासन अकादमी में मुख्य सचिव अवनि वैश्य एक दिन की कार्यशाला शुरू करेंगे.
राज्य सरकार की हिस्सेदारी- इस महत्वपूर्ण काम में राज्य सरकार अपनी सूचना- प्रौद्योगिकी की नीति के तहत प्रदेश की विभिन्न तकनीकी, चिकित्सा और प्रशासकीय संस्थाओं को इंटरनेट जुड़ाव के लिये अपडेट करवाने के मक़सद से इस उपक्रम में हिस्सेदारी कर रही है. सरकार ने इसके लिये विंध्याचल भवन में .,600 वर्गफुट जगह उपलब्ध करवाई है और लोकल एरिया नेटवर्क (एलएएन) की एनओसी भी दी है.

नेशनल नॉलेज-नेटवर्क की मौजूदा स्थिति- इस नेटवर्क को असीमित ज्ञान वाला एक समाज तैयार करने में क्रांतिकारी कदम माना गया है. इसके जरिये विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उच्च-शिक्षा, स्वास्थ्य-रक्षा, कृषि और प्रशासन को इन क्षेत्रों का वैश्विक ज्ञान साझा करने के लिये एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है. इस जुड़ाव में फिलहाल मध्यप्रदेश के 33 समेत देश के कुल 700 संस्थान शामिल हैं. प्रारंभिक चरण में मध्यप्रदेश के इस नेटवर्क से जुड़े प्रमुख संस्थानों में बरकत उल्ला विश्वविद्यालय, भोज मुक्त विश्वविद्यालय, डीएवी इंदौर, एपीएस रीवा, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, चित्रकूट विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर और ग्वालियर आदि शामिल है.

इसके अलावा प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में आईआईटी, आईआईएम, मैनिट, एनजेए, डीएई, डीआरडीई, एसपीए, आईआईएसईआर और एनएलआईयू को भी नेटवर्क से जोड़ा गया है. आगे प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और आयुर्वेदिक कॉलेजों को भी इस नेटवर्क से जोड़ दिया जायेगा. मध्यप्रदेश में इस नेटवर्क के तहत आईआईटी इन्दौर और गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में वर्चुअल क्लॉस-रूम कायम किये गये हैं. यही सुविधा मैनिट और आईआईएसईआर में भी जल्द जुटाई जा रही है.

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