शतरंज के शहंशाह पांचवीं बार बने

मास्को, 30 मई. विश्वनाथ आनंद ने विश्व शतरंज चैम्पियनशिप के टाईब्रेकर में इस्राइल के बोरिस गेलफेंड को हराकर अपने विश्व खिताब का बचाव किया. आनंद ने टाईब्रेकर में 2.5-1.5 की जीत के साथ पांचवीं बार विश्व खिताब जीता.

आनंद ने इससे पहले 2000, 2007, 2008 और 2010 में विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. आनंद ने चार राउंड के रैपिड फायर टाईब्रेकर मुकाबले में से एक जीता जबकि तीन ड्रा रहे. उन्होंने टाईब्रेकर में 2.5-1.5 की जीत के साथ खिताब अपने नाम किया.इससे पहले 12 बाजियों में से 10 ड्रा रहीं और दो के ही नतीजे निकल सके हैं. टूर्नामेंट प्रारूप में 2007 विश्व चैंपियनशिप जीतने के बाद आनंद का यह तीसरा मैच था. उन्होंने 2008 में रूस के ब्लादिमीर क्रामनिक के खिलाफ चार में से तीन मुकाबले जीते. इसके बाद 2010 में बुल्गारिया के वेसलीन टोपालोव के खिलाफ पांच में से तीन मुकाबले जीतकर विश्व खिताब बरकरार रखा था.क्रामनिक के खिलाफ आनंद ने 11 मुकाबलों में 390 चालें चलीं यानी प्रति बाजी औसतन 35 चालें. वहीं टोपालोव के खिलाफ 12 मुकाबलों में 627 चालें चलीं. अभी तक इस मुकाबले में 12 गेम में वह 351 चालें ही चल सके हैं.

शाबाश बेटा

अपने बेटे विश्वनाथन आनन्द की पांचवी विश्व शतरंज खिताबी जीत से बेहद प्रसन्न नजर आ रहे उनके माता-पिता के मुंह से एक ही शब्द निकला- शाबाश बेटा.आनन्द के माता-पिता सुशीला और विश्वनाथन तो खुशी के आंसू नहीं रोक पा रहे थे. आनन्द को इस खेल की शुरूआती बारीकियां सिखाने वाली उनकी मां सुशीला ने कहा अपने बेटे की शानदार जीत के बाद अब मैं राहत महसूस कर रही हूं. विश्व खिताब जीतने की खबर मिलते ही उनके बसंत नगर स्थित निवास पर मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लग गया. विश्वनाथन ने कहा कि हम बहुत खुश हैं. यह हम सभी के लिए गौरव का क्षण है. विश्वनाथन और सुशीला ने कहा कि वे अभी तक अपने बेटे से बात कर उन्हें बधाई नहीं दे पाए हैं.

Related Posts: