नई दिल्ली, 3 नवंबर. टीम अन्ना ने गुरुवार को लोकपाल बिल के सिलसिले में संसद की स्थायी समिति से मुलाकात की। टीम अन्ना चाहती है कि जैसे उत्तराखंड में जनलोकपाल बिल की तर्ज पर लोकायुक्त कानून बना है, वैसे ही केंद्र में भी जल्द से जल्द लोकपाल कानून बने। उधर, अन्ना हजारे भी दिल्ली पहुंच गए।

समझा जाता है कि शुक्रवार को वे मौनव्रत तोड़ेंगे और स्थायी समिति की होने वाली बैठक में शामिल होंगे। दरअसल उत्तराखंड में मिली कामयाबी से टीम अन्ना जोश में भरी है। वहां जनलोकपाल बिल में शामिल सभी प्रावधानों को स्वीकार करते हुए, उसी तर्ज पर लोकायुक्त कानून बनाया गया है। ऐसा ही कानून केंद्र से बनाने की मांग की है.

गुरुवार शाम संसद की स्थाई समिति की बैठक में शामिल होने पहुंची टीम अन्ना ने उत्तराखंड को मिसाल बताते हुए केंद्र से वैसी ही पहल करने की मांग की। टीम ने बैठक के पहले चरण को सकारात्मक बताया। गुरुवार की बैठक में टीम अन्ना की ओर से अरविंद केजरीवाल के अलावा प्रशांत भूषण, शांति भूषण और किरन बेदी शामिल थे।

गौरतलब है कि 16 अगस्त को दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे का अनशन शुरू होने के पहले टीम अन्ना ने स्थायी समिति के सामने अपने जनलोकपाल बिल का प्रारूप पेश किया था। इस बीच समिति ने अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से इस पर राय मांगी और विचार-विमर्श किया। इस तरह टीम अन्ना के साथ फिर बैठक करके स्थायी समिति ने एक चक्र पूरा किया है। वैसे, उत्तराखंड में लोकायुक्त कानून बनाकर बीजेपी ने जो बाजी मारी है, उससे सरकार दबाव में भी है। अब इस मुद्द पर वो पूरी तरह गंभीर दिखना चाहती है।

केजरीवाल ने लौटाई राशि

केजरीवाल ने आईआरएस सेवा से अपने इस्तीफा संबंधी मसले के समाधान के लिए गुरुवार को नौ लाख से अधिक रुपये की राशि सरकार को सौंप दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह विरोध स्वरूप ऐसा कर रहे हैं और इसका यह मतलब नहीं कि उन्होंने कोई गलती मानी है। केजरीवाल ने नौ लाख 27 हजार 787रु. के चेक के साथ मनमोहन सिंह को एक पत्र लिख कर उनसे अपने छह मित्रों को परेशान नहीं करने का आग्रह किया है। इन्हीं लोगों ने केजरीवाल को यह राशि उधार दी है।

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