नई दिल्ली, 13 अक्टूबर. समाजसेवी अन्ना हजारे ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की दो चिट्ठियों का जवाब दे दिया है। अन्ना ने सात पेज की एक चिट्ठी भेजकर इसमें दिग्विजय के हर सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने चिट्ठी में लिखा है कि वह न बीजेपी के साथ हैं न कांग्रेस के साथ। गौरतलब है कि दिग्विजय ने कुछ दिन पहले अन्ना हजारे को दो चिट्ठियों भेजी थीं। पहली चिट्ठी में उन्होंने जहां उनसे अपने सहयोगियों से बचकर रहने की सलाह दी थी, वहीं दूसरे में उन्होंने कहा था कि अन्ना संघ के मुखौटे के तौर पर आंदोलन चला रहे हैं।

आरएसएस से मिले हैं दिग्विजय – अन्ना ने आरएसएस से संबंध होने के दिग्विजय के आरोप पर उनपर ही पलटवार किया। उन्होंने चिट्ठी में कहा है कि उनके रामलीला मैदान में अनशन के दौरान कोई भी संघ का सदस्य उनसे नहीं मिला। आरएसएस भी मुझे बदनाम करने की कोशिश करती रही है।  आप दोनों में मिलकर मेरी बदनामी का अभियान चलाया है। कोई भ्रष्टाचार में ग्रेजुएशन तो कोई पीएचडी – उन्होंने चिट्ठी में लिखा है- आपने चिट्ठी में लिखा कि कांग्रेस और अन्य दलों के बीच फर्क करना चाहिए। मुझे और साथ में जनता को भी यही लगता है कि कुछ पार्टियां करप्शन के बारे में मानो ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं। तो किसी ने ग्रेजुएशन कर लिया है। तो किसी ने भ्रष्टाचार में डॉक्टरेट पाई है। मुझे तो यही फर्क दिखाई देता है। कौन सी पार्टी साफ है यह बड़ा सवाल है।

कांग्रेस बेदाग कैसे ? – उन्होंने आगे लिखा है- आपको लगता है कि कांग्रेस पार्टी बेदाग है। आज कांग्रेस के कई मंत्री जेल में बंद हैं। क्या आपकी सरकार को यह पता नहीं था कि ये लोग भ्रष्टाचारी हैं ? ऐसे में कांग्रेस और दूसरी पार्टी में फर्क क्या रहा ? अन्ना न लोकपाल अनशन खत्म होने के बाद भी कांग्रेस के खिलाफ अनशन चलाने को लेकर किए गए दिग्विजय के सवाल पर चिट्ठी में लिखा है कि सरकार जवाब दे कि आंदोलन खत्म होते ही टीम अन्ना को परेशान करना शुरू क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि रालेगण सिद्धि तक में कुछ लोगों को भेजकर गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की गई। यही है सरकार की ईमानदारी? महाराष्ट्र में बीजेपी के 6 कैबिनेट मंत्री उनके आंदोलन के कारण कुर्सी छोडऩी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनका दावा है कि कांग्रेस और बीजेपी आपस में मतभेद दिखाकर जनता को गुमराह कर रहे हैं.

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