नई दिल्ली, 23 नवंबर. अन्ना हजारे के शराबियों की सार्वजनिक पिटाई की वकालत करने पर सीपीएम के वरिष्ठ नेता गुरुदास दासगुप्ता ने उन्हें पागल कह दिया।

अन्ना ने मंगलवार को कहा था कि हम शराबियों को तीन बार चेतावनी देते थे, क्योंकि वह हमारा ही आदमी होता था। फिर भी शराब नहीं छोडऩे पर उसे मंदिर में ले जाकर कभी शराब नहीं पीने की शपथ ली जाती थी। इसके बाद भी यह लत नहीं छोडऩे पर हम उसे मंदिर के पास खंभे से बांधकर पीटते थे। अन्ना के इस बयान पर बुधवार को दासगुप्ता ने कहा, अन्ना पागल है…वह तालिबानी फरमान सुनाता है. गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी भी अन्ना की आलोचना कर चुके हैं। मनीष तिवारी ने कहा था मेरे विचार से तालिबान ऐसा ही करता था। तब आपको आधे केरल , तीन चौथाई आंध्र प्रदेश और पंजाब के चौथाई हिस्से के लोगों को कोड़े लगाने होंगे।

अन्ना ने अपनी योजनाओं को फिलहाल टाला – अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री कार्यालय से एक पत्र मिलने के बाद आगामी कुछ समय में चुनाव वाले पांच राज्यों में अपनी जनमत दौरे की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इस पत्र में अन्ना को यह आश्वासन दिया गया है कि केंद्र सरकार संसद के मौजूदा शीत सत्र में एक सशक्त लोकपाल बिल पारित कराए जाने को लेकर प्रतिबद्ध है। सरकार ने अन्ना हजारे को भरोसा दिलाया कि संसद के मौजूदा सत्र में एक मजबूत लोकपाल विधेयक लाया जाएगा। अन्ना ने कहा है कि जब देश के प्रधानमंत्री आश्वासन दे रहे हैं तो हमे उस पर विश्वास करना होगा। अगर हम संघीय सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं और मुद्दा देश और समाज से जुड़ा है तो हमें अपनी योजना को फिलहाल रोकना पड़ेगा। टीम अन्ना के सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी द्वारा अन्ना को लिखे गए एक पत्र में यह बात कही गई है। पत्र में यह स्वीकार किया गया है कि अन्ना द्वारा पिछले महीने लिखा गया पत्र उन्हें मिला है। उन्होंने बताया कि देर शाम यह पत्र अन्ना के गांव रालेगन सिद्धि में प्राप्त हुआ। गौर हो कि अन्ना ने धमकी दी थी कि यदि सरकार शीतकालीन सत्र में एक मजबूत लोकपाल विधेयक लाने में नाकाम रहती है तो सत्र के अंतिम दिन वह अपना आंदोलन फिर से शुरू कर देंगे।

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