चुनाव से पहले कांग्रेस ने साधा टीम अन्ना पर निशाना

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर समाजसेवी अन्ना हजारे पर निशाना साधते हुए कहा है कि अन्ना राष्ट्रपति बनने का सपना देख रहे हैं। दिग्विजय ने साफ किया कि वे पागलखाने जाने को तैयार हैं, लेकिन शर्त यह है कि अन्ना भी उनके साथ चलें। दिग्विजय के इस बयान से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस  अन्ना पर कोई वार करने से चूकने वाली नहीं है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने समाजसेवी अन्ना हजारे को राष्ट्रपति पद का सपना दिखाया है कि उन्हें अगले राष्ट्रपति चुनाव में सर्वदलीय उम्मीदवार के तौर पर पेश किया जाएगा। अन्ना भाजपा और संघ के बहकावे में आकर कांग्रेस के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ने सवाल उठाया कि अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के पीछे किसका हाथ है, यह अब बिल्कुल साफ हो गया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरी बात बिल्कुल सही है, क्योंकि अब तो संघ खुद आंदोलन के पीछे अपना हाथ बता रही है।

अन्ना संसद से ऊपर : केजरीवाल
अन्ना हजारे के प्रमुख सहयोगी अरविंद केजरीवाल का कहना है कि हजारे संसद से ऊपर हैं और उन्हें एक नागरिक के तौर पर ऐसा करने का अधिकार है। केजरीवाल ने एक टीवी चैनल पर कहा कि जाहिर है वह खुद को ऊपर [संसद से] रख रहे हैं। प्रत्येक नागरिक संसद से ऊपर है। मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि प्रत्येक नागरिक संसद से ऊपर है। नागरिकों को यह कहने का पूरा अधिकार है कि संसद ने अपना काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि नागरिक संसद से अधिक महत्वपूर्ण हैं।

यह संविधान में है। अन्ना हजारे और प्रत्येक नागरिक सर्वोच्च है। मुझे लगता है कि संविधान ऐसा कहता है। केजरीवाल से पूछा गया था कि संसद में विधेयक पारित कराने के लिए अनशन की धमकी को कोई कैसे जायज ठहरा सकता है और क्या हजारे खुद को संसद से ऊपर रख रहे हैं। उन्होंने हिसार उपचुनाव में काग्रेस के खिलाफ प्रचार के फैसले को न्यायोचित ठहराते हुए कहा कि जन लोकपाल विधेयक को पारित कराना सत्तारूढ़ दल की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब हजारे ने कहा कि वह काग्रेस के खिलाफ प्रचार करेंगे तो उनका आशय पूरी संप्रग से है। कांग्रेस विरोध रुख अपनाने पर होने वाली आलोचनाओं को कमतर आकते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर भाजपा जन लोकपाल विधेयक के समर्थन के अपने वादे को पूरा नहीं करती तो अन्ना की टीम उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उसके खिलाफ भी अभियान चला सकती है।

जब केजरीवाल से पूछा गया कि अगर भाजपा अन्ना को समर्थन के लिहाज से दिए गए पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के पत्र पर कायम नहीं रहती तो क्या टीम अन्ना उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ अभियान चलाएगी, इस पर उन्होंने कहा कि उप्र चुनाव में पार्टी वादे से मुकरी तो वे उसके खिलाफ प्रचार कर सकते हैं। लोकपाल विधेयक में सभी प्रावधानों को शामिल करने का भाजपा द्वारा समर्थन नहीं करने संबंधी पार्टी नेता अरुण जेटली के बयान पर केजरीवाल ने कहा कि फिलहाल मैं उसे [गडकरी के पत्र को] सामने रख रहा हूं। आप कैसे कह सकते हैं कि जेटली सही हैं या गलत हैं अथवा गडकरी सही हैं या गलत हैं। उन्होंने कहा कि कोई पार्टी अपना वादा पूरा करती है या नहीं यह संसद में साबित हो जाएगा।

काग्रेस के विरोध के अपने फैसले के बचाव में केजरीवाल ने कहा कि संसद में विधेयक पारित कराना सत्तारूढ़ पार्टी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि काग्रेस राजनीति कर रही है और आदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। हजारे केवल काग्रेस पर निशाना क्यों साध रहे हैं, इस सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि जिन पाच राज्यों में निकट भविष्य में चुनाव होने हैं वहा गठबंधन के सहयोगी दलों की हिस्सेदारी कम है।

हजारे ने हिसार उपचुनाव में जनता से काग्रेस के उम्मीदवार को वोट नहीं डालने की अपील की है। अन्ना टीम ने सपा या बसपा के खिलाफ प्रचार की घोषणा क्यों नहीं की, जिन्होंने पहले ही हजारे के विधेयक पर आपत्ति जताई है, इस बारे में पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा कि ए पार्टिया विधेयक पारित कराने में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक पारित कराने में संप्रग शामिल है। और अगर संप्रग विधेयक पारित नहीं करती तो अन्ना संप्रग के खिलाफ अभियान चलाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि संसद में विधेयक पारित कराना सपा या बसपा की जिम्मेदारी नहीं है।

कांग्रेस विरोधी रुख से क्या दागी छवि वाले अन्य उम्मीदवारों को मदद नहीं मिलेगी, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हजारे किसी उम्मीदवार को चरित्र प्रमाणपत्र नहीं दे रहे कि कौच् अच्छा है या कौन खराब है। केजरीवाल ने कहा कि काग्रेस विरोधी रुख से उनके आदोलन की विश्वसनीयता कम नहीं होगी और उन्होंने कहा कि काग्रेस के विरुद्ध प्रचार के फैसले पर मिली प्रतिक्रिया सकारात्मक है।

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