नई दिल्ली, 28 दिसंबर. लोकपाल को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित विधेयक के लोकसभा में नहीं पारित होने पर काग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी और अन्ना पक्ष पर निशाना साधा तथा सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से पूछा कि क्या उनके सहयोगी भाजपा से राज्यसभा में इसका विरोध नहीं करने की माग को लेकर लाल कृष्ण आडवाणी के निवास के बाहर धरना देंगे.

सिंह ने ट्विटर पर लिखा है, भाजपा ने लोकपाल और राज्यों के लोकायुक्तों को शक्ति प्रदान करने वाले संविधान संशोधन का विरोध किया है जबकि 95 फीसदी भ्रष्टाचार राज्यों में होता है. उन्होंने कहा, अन्ना पक्ष की ओर से भाजपा के विरूद्ध कोई प्रतिक्रिया नहीं है. अब भाजपा राज्यसभा में लोकपाल विधेयक को गिराने का फिर कोशिश करेगी. अन्ना पक्ष की प्रतिक्रिया देखना चाहेंगे. उन्होंने अनुमान लगाया कि विधेयक पराजित करने के बाद भी भाजपा, आरएसएस के खिलाफ अन्ना एक शब्द भी नहीं बालेंगे. उन्होंने कहा कि अन्ना पक्ष अब भी काग्रेस, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाधी को निशाना बनाएगा.

उन्होने आरोप लगाया कि इसका सीधा सा कारण है कि अन्ना पक्ष भाजपा-आरएसएस का मुखौटा है. सिंह ने पूछा, क्या अन्ना भाजपा पर दबाव डालेंगे और आडवाणीजी के निवास के बाहर धरना देंगे एवं उनसे राज्यसभा में लोकपाल विधेयक का विरोध नहीं करने के लिए कहेंगे. लोकपाल विधेयक पारित होने पर मनमोहन सिंह और सोनिया गाधी को बधाई देते हुए उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता से कहा, भगवान के लिए, कृपया आप अपना उपवास तोड़ दें और मुझे गलत साबित करें. अन्ना पक्ष का जबर्दस्त प्रभाव होने की बात की आलोचना करते हुए कहा है कि मीडिया ने दावा किया है कि अन्ना को 120 करोड़ लोगों का समर्थन प्राप्त है. लेकिन वे कहा हैं. क्या मीडिया अन्ना के पक्ष में लोगों की बहुत कम उपस्थिति को ध्यान में रखकर अपने अनुमान को सही करेगी. काग्रेस नेता ने कहा कि हैदराबाद में धरना चौक पर 150, कोलकाता के महाजाति सदन परिसर में 80 लोग, मुंबई के एमएमआरडीए मैदान में 3000, बेंगलूर के फ्रीडम पार्क में 150, अहमदाबाद के इनकम टैक्स सर्किल पर 50 लोग और दिल्ली के रामलीला मैदान में 100 लोग थे.

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