भोपाल, 27 मार्च. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की टीम पर आरोप लगाया है कि डिमॉक्रेसी में भरोसा न रखने वाली टीम सत्ता का दलाल बनना चाह रही है.

टीम के लोग खुद नियमों और नैतिकता को ताक पर रखकर काम करते हैं और संसद तथा सांसदों पर असंसदीय भाषा में आरोप लगाते रहते हैं. कांग्रेस महासचिव ने अपने भोपाल के आवास पर कहा, मुझे लगता है कि टीम अन्ना के सदस्यों की डिमॉक्रेसी और डेमोक्रैटिक इंस्टिट्यूशंस में कोई आस्था नहीं है और वे चुनाव का सामना किए बिना ही सत्ता के दलाल बनना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि टीम अन्ना के ज्यादातर सदस्यों के पास कुछ भी कहने का कोई मॉरल राइट नहीं है.

भाजपा के तीन चेहरे

दिग्विजय ने आरोप लगाया, मेरी नजर में बीजेपी के कम से कम 3 चेहरे हैं. बीजेपी सत्ता में होती है तो उसका एक चेहरा होता है, जब वह विपक्ष में होती है तो उसका दूसरा चेहरा होता है, लेकिन हकीकत में वह एक शुद्ध प्रफेशनल पॉलिटिकल पार्टी है. आईपीएस नरेंद्र कुमार सिंह की हत्या के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपी में कानून और व्यवस्था की स्थिति बुरी तरह चरमरा गयी है और बीजेपी हालत सुधारने के लिए कुछ भी नहीं कर पा रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बार-बार लाडली लक्ष्मी योजना के बारे में बात करते है, लेकिन प्रदेश में कुपोषित बच्चों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है.

सिंह ने कहा, जब वे मुख्यमंत्री थे तब कुपोषण पूरी तरह से नियंत्रण में था, लेकिन इस वक्त ऐसा नहीं है क्योंकि लाडली लक्ष्मी योजना पूरी तरह से विफल हो गई है. आर्मी चीफ बी. के. सिंह के 14 करोड़ रुपये की घूस देने की पेशकश के आरोप के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें उस आदमी के खिलाफ केस दर्ज कराना चाहिए था. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वह इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बोलना चाहते है, क्योंकि इस मामले में सीबीआई की जांच के आदेश हो गए हैं. जब उनसे कहा गया कि एमपी के सरकारी स्कूलों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के फोटोग्राफ लगाये जाएंगे तो उन्होंने कहा कि दूसरे बड़े नेताओं के फोटोग्राफ साथ उनके फोटोग्राफ लगाने पर मुझे कोई अब्जेक्शन नहीं है.

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