राजनीति की मुख्यधारा से जुड़ेंगे

नयी दिल्ली, 6 अगस्त, नससे. लोकपाल कानून पारित करवाने के लिए बनी टीम अन्ना भंग हो गई है. अन्ना हजारे ने सोमवार को अपने ब्लॉग पर इसकी घोषणा की. उन्होंने लिखा, बार-बार अनशन करने से कोई फायदा नहीं हुआ. सरकार जनलोकपाल कानून बनाने के लिए राजी नहीं है. अन्ना के मुताबिक टीम अन्ना का गठन जनलोकपाल के लिए हुआ था, लेकिन अब सरकार से बातचीत नहीं करने की वजह से इसका काम खत्म हो गया है.

इस ब्लॉग में अन्ना ने बताया है कि राजनीतिक विकल्प के लिए कैसे ईमानदार लोगों का चयन किया जाएगा. उन्होंने लिखा कि लोगों की मांग हमसे बढ़ती जा रही थी, अब अनशन छोड़ो और जनता को नया विकल्प दो. मांगों को देखते हुए मैंने भी सोचा आज की सरकार से देश का भ्रष्टाचार कम नहीं हो सकता क्योंकि सरकार की ऐसी मंशा ही नहीं है. इसलिए जनता को दूसरा विकल्प देना ही अब रास्ता है. हालांकि अन्ना ने यह साफ किया कि वह खुद पार्टी में नहीं आएंगे और न ही चुनाव लड़ेंगे लेकिन जनता के सामने राजनीतिक विकल्प देने की कोशिश जरूर करेंगे. पार्टी बनाने को लेकर उन्होंने भविष्य का खाका पेश करते हुए कहा कि वह डेढ़ साल तक देशभर में घूमेंगे और लोगों को जागरूक करेंगे.

अन्ना को अपनी टीम पर भरोसा नहीं- कांग्रेस

नई दिल्ली, 6 अगस्त, नससे. समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा टीम अन्ना व कोर कमेटी भंग करने की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि स्वयं अन्ना हजारे को टीम अन्ना पर भरोसा नहीं रह गया था. कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि इस संबंध में वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.

एकांतवास पर रामदेव

नई दिल्ली, 6 अगस्त. काले धन की वापसी के लिए राजधानी के रामलीला मैदान में 9 अगस्त से शुरू हो रहे अपने आंदोलन से पहले बाबा रामदेव एकांत साधना करेंगे।  उन्होंने कहा कि 9 अगस्त के आंदोलन से घबराकर कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी शालीनता और मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़कर अनर्गल बातें कर रहे हैं।

रामदेव ने कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया। बाबा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह किया कि वह इन नेताओं को काबू में रखें। रामदेव ने केन्द्र सरकार और दिल्ली पुलिस को भी आगाह किया कि वह अहिंसक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के उनके संवैधानिक अधिकार के प्रयोग से उन्हें रोकने का प्रयास नहीं करें। उन्होंने कहा कि हम अहिंसा और शांतिप्रियता के साथ आंदोलन आगे बढ़ाएंगे।

दिल्ली पुलिस और केन्द्र सरकार से हम विनम्रता पूर्वक आग्रह करते हैं कि जब पूरा देश एक बहुत बड़े संकट से गुजर रहा है तो ऐसे समय में आंदोलन करने के हमारे संवैधानिक अधिकार को रोकने का कोई षडयंत्र नहीं होना चाहिए। गौरतलब है? कि रामदेव को पिछले साल जून महीने में रामलीला मैदान पर आयोजित अपना आंदोलन पुलिस कार्रवाई के बाद बंद करना पड़ा था। उस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के साथ ही रामदेव को भी फटकार लगाई थी। अब रामदेव का आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है, जब समाजसेवी अन्ना हजारे जंतर मंतर पर अपना अनशन समाप्त कर देश को राजनीतिक विकल्प देने के अभियान पर निकल पड़े हैं।

Related Posts: