पीएम समेत 15 मंत्रियों पर करप्शन का आरोप

नई दिल्ली, 26 मई. भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा 14 कैबिनेट मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। टीम अन्ना ने इस बारे में दस्तावेज के साथ एक लेटर प्रधानमंत्री को भेजा है। 24 जुलाई, 2012 तक इस पर कोई कार्रवाई न करने पर टीम अन्ना ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

79 पेज के दस्तावेज में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पी. चिदंबरम, प्रणव मुखर्जी, शरद पवार, एसएम कृष्णा, कमल नाथ, प्रफुल्ल पटेल, विलासराव देशमुख, वीरभद्र सिंह, कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद, जीके वासन, फारुख अब्दुल्ला, एमके अड़ागिरी और एसके शिंदे के खिलाफ आरोप शामिल हैं। इस दस्तावेज में बताया गया है कि किसके खिलाफ, किस कार्यकाल में भ्रष्टाचार का कौन सा आरोप है।

टीम अन्ना ने प्रधानमंत्री से कहा,  सख्त लोकपाल कानून इसलिए पारित नहीं कराया जा रहा क्योंकि यह नेताओं के भ्रष्टाचार को रोकेगा और नेता अपने खिलाफ कानून पारित नहीं कराना चाहते। आपके मंत्रिमंडल के 34 में से 15 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। हमने इन्हीं आरोपों की जानकारी इकट्ठी की है।

ये आरोप हम नहीं लगा रहे हैं, बल्कि ये सुप्रीम कोर्ट और सीएजी जैसी सर्वोच्च संस्थाओं ने लगाए हैं। सीबीआई पर सवाल उठाते हुए टीम अन्ना ने कहा कि सीबीआई उन्हीं के कंट्रोल में है, जिनके खिलाफ उसे जांच करनी है। यही वजह है कि आज तक सीबीआई केवल 3 नेताओं को सजा दिलवा पाई है। टीम अन्ना के मुताबिक उसने इन आरोपों को लेकर सभी 15 लोगों को लेटर लिखा था लेकिन जवाब केवल सलमान खुर्शीद से मिला।

खुर्शीद से मिले जवाब में भी आरोपों का जिक्र नहीं था। टीम अन्ना ने इन सबके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच दल बनाए जाने की मांग की है। टीम अन्ना ने कहा कि जांच दल को सभी सुविधाएं मिलें और वह अपनी जांच 6 महीने में पूरी करे। टीम अन्ना ने 6 रिटायर्ड जजों के नाम देकर कहा है कि जांच दल का अध्यक्षता इन्हीं में से कोई हो। टीम अन्ना ने अपने खिलाफ भी लगाए गए आरोपों की जांच इसी दल द्वारा कराए जाने की मांग की है और आरोप साबित होने पर कानून में तय सजा से दोगुनी सजा देने के लिए कहा है। टीम अन्ना ने प्रधानमंत्री से पूछा है कि क्या मुलायम और सरकार में यह समझौता हुआ है कि मुलायम संसद और राष्ट्रपति चुनाव में सरकार की मदद करेंगे और इसके बदले सरकार मुलायम पर चल रहे सीबीआई के मामले ठंडे बस्ते में डलवा देगी? टीम अन्ना ने मांग की है कि जिन पार्टी अध्यक्षों के खिलाफ सीबीआई के मामले चल रहे हैं, उन्हें भी स्वतंत्र जांच दल को सौंपा जाए।

सामने आया किरण-केजरीवाल के बीच विवाद

टीम अन्ना में शिवेंद्र चौहान का केजरीवाल पर आरोप लगाने के बाद एक और बड़ा विवाद सामने आ गया है। इस बार अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाए हैं किरण बेदी ने और इस विवाद का खुलासा किया है अन्ना हजारे ने। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक किरण बेदी ने अरविंद केजरीवाल के एनजीओ पर पैसों के रखरखाव को लेकर सवाल खड़े करते हुए अन्ना को ईमेल भेजा है। इसपर अन्ना ने केजरीवाल को हिदायत भी दी है। अन्ना ने कहा, किरण बेदी ने मुझे एक ई-मेल लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है अरविंद के एनजीओ में पैसे का हिसाब सही तरीके नहीं रखा जा रहा है। मैंने अरविंद से फोन पर बात की है और कहा है कि ये गलत है और आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए।क्व अखबार के मुताबिक अन्ना हजारे ने हालांकि अरविंद केजरीवाल को किसी भी तरह की कोई चि_ी लिखने की बात से इनकार किया है। लेकिन अरविंद को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे के जैसे साइन वाली एक चि_ी इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं में बांटी जा रही है।

तीन मार्च की तारीख वाली इस चिट्ठीमें लिखा है कि, क्वमुझे किरण बेदी जी का एक ई-मेल मिला है। उन्होंने लिखा है कि पीसीआरएफ का एक बजट बनाया जाना चाहिए। इस बजट में ये जानकारी होनी चाहिए कि हम अलग-अलग चीजों पर कितना खर्च करने वाले हैं। ये पैसा चूंकि जनता ने दान दिया है इसलिए हमें इसे ध्यान से खर्च करना चाहिए।क्व अखबार के मुताबिक अन्ना हजारे के सहयोगियों का कहना है कि केजरीवाल ने जलगांव में अन्ना से इस बाबत मुलाकात भी की है।

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