रक्षामंत्री ने लगा रखी है छह हथियार कंपनियों पर पाबंदी

नई दिल्ली, 7 अप्रैल. सेना के मसले पर ताबड़तोड़ एक के बाद एक विवाद की असली वजह दरअसल सेना की अंदरूनी गुटबाजी से ज्यादा कुछ और ही नजर आती है. सूत्रों के मुताबिक दरअसल असली निशाने पर रक्षा मंत्री एके एंटनी हैं.

रक्षा मंत्री एंटनी और आर्मी चीफ वीके सिंह अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते है. आम्र्स लॉबी को ईमानदार एंटनी फूटी आंख नहीं सुहा रहे हैं. जानकारों के मुताबिक इन विवादों से उन्हें एक अक्षम रक्षा मंत्री और राजनीतिक नेतृत्व व सेना के बीच संतुलन रखने में नाकाम साबित करने की कोशिश की जा रही है. रक्षा मंत्री एके एंटनी के सख्त रुख की वजह से आम्र्स लॉबी, बिचौलिओं, विदेशी सरकारों और हथियार कंपनियों में हड़कंप मचा हुआ है. पिछले महीने ही एंटनी ने 6 हथियार कंपनियों को 10 साल के लिए पाबंदी लगा दी है जिसमें इजरायल, रूस, सिंगापुर की चार विदेशी फर्म भी शामिल थीं.

विभिन्न रक्षा सौदों पर उठ रहे सवालों के बीच रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कुछ ही दिनों पहले अपने बयान में कहा था कि  उनकी सरकार उन सभी रक्षा सौदे को रद्द कर देगी जिसमें कुछ गलत हुआ होगा. एंटनी ने यह भी कहा था कि खरीद की प्रक्रिया में यदि यह किसी भी स्तर पर पता चल जाता है कि कुछ गलत किया गया है तो हम सौदे को रद्द कर देंगे. उन्होंने कहा कि यहां तक कि सौदे पर हस्ताक्षर करने के बाद भी अगर कुछ गलत होने की बात सामने आती है तो हम उसे रद्द कर देंगे. हमने भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद कई सौंदों को रद्द किया है.

सीबीआई को बंद कर देना चाहिए : हाई कोर्ट

जयपुर. सीबीआई की निष्पक्षता पर सवाल बराबर उठते रहे हैं, लेकिन इस बार जांच एजेंसी की खिंचाई हाई कोर्ट ने की है. दारा सिंह एनकाउंटर केस में राजस्थान हाई कोर्ट ने सीबीआई के खिलाफ मौखिक रूप से काफी तल्ख टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई नेताओं को सलाम करती है.

उन्हें चाय, नाश्ता कराती है. उन्हें सम्मान के साथ छोड़कर आती है, वहीं आम आदमी के साथ उसका व्यवहार अमानवीय रहता है. अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि सीबीआई ने अपने उद्देश्य से समझौता कर लिया और इसे बंद करने का सही समय आ गया है. जस्टिस महेश चंद्र शर्मा ने तत्कालीन हेड कॉन्स्टेबल जगराम की याचिका पर कहा कि एक ही मामले में सीबीआई एक आरोपी को जुडिशल कस्टडी में भेजने का आग्रह करती है, तो दूसरे आरोपी को लंबे पुलिस रिमांड पर भेजने की मांग करती है. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. दारा सिंह फर्जी एनकाउंटर मामले में एक डीआईजी और बीजेपी के एक विधायक भी आरोपी हैं. जस्टिस महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि ऐसा लगता है कि इसी मामले में आरोपियों से सीबीआई द्वारा अलग-अलग व्यवहार किया जा रहा है. गौरतलब है कि इस केस में सीबीआई ने पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ को गुरुवार को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था और उन्हें जुडिशल कस्टडी में भेजने की गुहार की थी.

विवाद के लिए नौकरशाही जिम्मेदार: सिंह

आर्मी चीफ जनरल वी.के. सिंह ने अपने और रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी के बीच किसी तरह के मतभेद से इनकार करते हुए मौजूदा विवादों के लिए ब्यूरोक्रेसी में मौजूद शरारती तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है. जनरल सिंह ने काठमांडू में  कहा कुछ भी गड़बड़ी नहीं है. मेरा वही रुख है, जो सरकार का है. हमारे अच्छे सम्बंध हैं और मंत्री के साथ मेरे कोई मतभेद नहीं हैं. जनरल सिंह ने कहा कि 16-17 जनवरी को सेना की दो यूनिटों का दिल्ली के लिए कूच करना एक रूटीन एक्सर्साइज़ थी और सरकार को इसके बारे इंफॉर्म करने की कोई जरूरत नहीं थी. उन्होंने कहा, किस लिए सूचना दी जाती? क्या हो रहा था? हम ऐसा अक्सर करते रहते हैं. यह पूछे जाने पर कि आखिर इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है, जनरल सिंह ने कहा कि वह इस बारे में सोचकर समय बर्बाद नहीं करना चाहते. लेकिन उन्होंने नौकरशाही के एक वर्ग की ओर उंगली उठाई. सिंह ने कहा कई कहानियां चर्चा में हैं. एक अखबार में खबर थी कि यह सब एक केंद्रीय मंत्री के इशारे पर हो रहा है. ब्यूरोक्रेसी का एक वर्ग गलत सूचनाएं दे सकता है. उन्होंने राई का पहाड़ बना दिया है… ईश्वर ही जानता है कि इसमें कौन लोग शामिल हो सकते हैं, मैं इस बारे में सोचकर समय बर्बाद नहीं करना चाहता.

जनरल सिंह ने अपनी जन्मतिथि को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के समय और सैनिकों के कूच के बीच किसी तरह का संबंध होने की बात भी खारिज कर दी. उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि सेना सरकार को डराने के लिए दिल्ली आ रही थी.

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