लखनऊ, 8 जनवरी.  केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह की राष्ट्रीय लोकदल को बड़ा झटका देते हुए कभी उनकी करीबी रही पार्टी महासचिव अनुराधा चौधरी पार्टी के राज्यसभा सांसद शाहिद सिद्दीकी और विधायक विमलेश सिंह के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई हैं.

चौधरी, सिद्दीकी और सिंह को पार्टी मुख्यालय में पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव, नेता प्रतिपक्ष शिवपाल सिंह यादव और वरिष्ठ नेता आजम खां की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी की सदस्यता प्रदान की गई. इस मौके पर उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अनुराधा चौधरी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के लिए राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया अजीत सिंह की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पिता दिवंगत चौधरी चरण सिंह के सिद्धांतों की तिलांजलि दे दी है. चौधरी ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह को केंद्रीय मंत्री बनने के लिए कांग्रेस से गठबंधन करने के बजाय भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को पारित करवाने के लिए संघर्ष करना चाहिए था. इसलिए भी कि उनके पिता किसानों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा कांग्रेस से लड़ते रहे थे. उन्होंने दावा किया कि रालोद के अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के साथ गठबंधन पसंद नहीं आया है और इससे पार्टी को बहुत नुकसान होने वाला है. चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव लडऩे के बजाय समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार करेंगी.

इस मौके पर संवाददाताओं के सवालों के जवाब में वरिष्ठ सपा नेता आजम खां ने कहा कि कांग्रेस ने आरक्षण के नाम पर मुसलमानों के साथ मजाक किया है और 4. 5 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है, जिसमें सात जातियां शामिल है और मुसलमानों के हिस्से में केवल 0.8 प्रतिशत आरक्षण ही आएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों के साथ अन्याय किया है. इस बारे में उन्होंने अयोध्या में शिलान्यास और बाबरी ढांचे को गिराने का जिक्र किया. इस सवाल पर कि सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी मुसलमानों को अलग से आरक्षण पर क्या नीति अपनाएगी, खां ने कहा कि यह प्रतिशत आंध्र प्रदेश और केरल से ज्यादा होगा.

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