भदभदा तिराहे पर दो घंटे तक बैठा रहा तेंदुआ

  • बाल बाल बचा इफ्तिखार

भोपाल, 30 सितंबर . राजधानी से लगे भदभदा तिराहे पर अब तेंदुए की दहशत से लोग सहमे हुए हैं. बीते डेढ़ माह से केरवा और कलियासोत इलाके में बाघ की उपस्थिति से दहशतजदा लोग शुक्रवार को क्षेत्र में तेंदुआ होने की खबर से सकते में आ गए हैं.

तेंदुआ जहां बैठा था वहां से सिर्फ तीन फीट की दूरी पर पंचर की दुकान में इफ्तिखार भी मौजूद था. उसने तेंदुए को देख पूरी समझदारी से काम लिया और दो घंटे तक सांसे थाम कर चुपचाप बैठा रहा, नहीं तो उसकी जान भी जा सकती थी. वन विभाग अमला भी तेंदुए की सतत निगरानी कर रहा है. गुरुवार रात डेढ़ बजे के दौरान भदभदा इलाके में तेंदुआ आ जाने से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है. तेंदुआ भदभदा तिराहे पर रात डेढ़ बजे से लेकर करीब साढ़े तीन बजे तक बैठा रहा. बीच सड़क पर बैठे तेंदुऐ ने हालांकि किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन सुबह होते ही यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और अब आसपास के रहवासियों में खासा डर समा गया है. जानकारी के अनुसार भदभदा तिराहे पर स्थित एक पंचर की दुकान से महज तीन फीट दूर एक तेंदुआ बीच सड़क पर बैठा दिखाई दिया. तेंदुए को देख पंचर की दुकान पर काम करने वाले इफ्तिखार की घिग्घी बंध गई. तेंदुए को देख वह सांस थामे बैठा रहा.

इस दौरान अगर इफ्तिखार जरा ही भी आहट करता या आवाज निकालता और तेंदुए का इसकी भनक लगती तो वह रक्षामत्क होने के लिए हमला भी कर सकता था. हालांकि इफ्तिखार ने पूरी समझदारी दिखाते हुए बिना किसी आहट के दो घंटे का समय दुकान में बिताया. इफ्तिार ने बताया कि तेंदुए के गुर्राने की आवाज जब सुनाई थी तब रात का डेढ़ बज रहा होगा. इस दौरान दूर दूर तक कोई भी नहीं था, क्योंकि यहां रात के समय अधिकतर वह दुकान पर अकेला ही रहता है.

करीब दो घंटे तक वन विहार की टीम के आने तक तेंदुआ एक जगह ही बैठा रहा. रात में ही बैरागढ़ से देवी जागरण के कार्यक्रम से लौट रहे इदरीस चार पहिया वाहन से भदभदा बस्ती अपने घर जा रहे थे. उनके साथ उनकी पत्नी बेटी और ड्रायवर भी था. तभी भदभदा तिराहे से गुजरते समय उनकी नजर सड़क पर बैठे तेंदुए पर पढ़ गई. उन्होंने गाड़ी को रोक दिया और दो घंटे तक लाइट चालू करके गाड़ी में ही बैठे रहे. इदरीस ने कमला नगर थाने फोन कर तेंदुऐ की जानकारी दी जहां से वन विभाग को सूचना दी गई. वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने तेंदुए हो वहां से हटाने की कोशिश की. पिछले दो घंटे से बैठा तेंदुआ यहां से उठकर आईआईएफएम की बाउंड्री वाल पर चढ़ गया.

इसके बाद करीब बीस मिनट तक चहलकदमी करने के बाद वह रात में आखों से औझल हो गया. तेंदुए की मौजूदगी से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. अभी बीते दिनों बाघ के लगातार शिकार करने के कारण आसपास के ग्रामीण डरे हुए हैं. अब तेंदुए की खबर ने लोगों की नींद ही उड़ा दी है. वन विभाग की टीम में भी क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदुए ने अब तक किसी भी पशु को अपना निशाना नहीं बनाया है, लेकिन अधिकारियों ने ग्रामीणों को एहतियात बरतने की हिदायत दी है.

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