बढ़ी पेट्रोल कीमतों से गुस्सा सातवें आसमान पर

नयी दिल्ली, 24 मई, नससे. पेट्रोल की कीमत में 7.5 रुपए प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी ने आम आदमी को हिलाकर रख दिया है. कीमतों में इजाफे के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट रहा है. केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध स्वरूप देश भर में लोग जगह-जगह सड़कों पर उतर आएं हैं. आम लोगों का गुस्सा देश में कई जगहों पर सड़कों पर फूट पड़ा है.

लोगों के गुस्से का आलम यह है कि झारखंड के धनबाद और झरिया में लोगों ने पेट्रोल पंप पर जमकर पथराव किया और लूटपाट की. वहीं बिहार की राजधानी पटना में दामों में इजाफे से आक्रोशित लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने प्रधानमंत्री का पुतला भी जलाया। कोल्लम में प्रदर्शनकारियों ने एक सरकारी बस में आग लगा दी। कोच्चि और इदुक्की में दुकानें बंद रहीं। रबड़ और चाय बगानों के कर्मचारी भी विरोध स्वरूप काम पर नहीं गए।

तीन रुपए तक की कमी संभव

कांग्रेस पार्टी और सरकार पर तेज हुर्ए विपक्षी हमलों के बीच सरकार मुसीबत में घिरती नजर आ रही है. यही कारण है कि पार्टी ने तुर्कमेनिस्तान के दौरे पर गए पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी को फौरन  वापस बुलाया है. दबाव में सरकार बढ़े दाम में कुछ कमी कर सकती है. सूत्रों की माने तो अब सरकार पेेट्रोल के बढ़े हुए दामों में ढ़ाई से तीन रुपये तक की कमी की घोषणा कर सकती है. चौतरफा विरोध और राजनीतिक नुकसान की आशंका को भांपते हुए केंद्र सरकार कभी भी कीमत बढ़ोतरी में कटौती का ऐलान कर सकती है.

इसके साथ ही सूत्रों का कहना है कि सरकार सहयोगी पार्टियों सहित पेट्रोल के बढ़े हुए दाम को लेकर देश व्यापी बढ़ रहे विरोध को देखते हुए फिलहाल डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी टाल दी गई है. हालांकि, इस बारे में औपचारिक फैसला शुक्रवार को मंत्रिसमूह की बैठक में होगा.

कंपनियों का रोल बैक से इन्कार

पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल मूल्यवृद्धि को वापस लेने की किसी संभावना से इन्कार किया है। इससे पहले अटकलें थी कि आज शाम तक पेट्रोल की कीमतों में ढाई से तीन रुपये प्रति लीटर की कमी की जा सकती है। यदि सारे टैक्स वापस ले लिए जाएं तो यह मात्र 36 रुपये प्रतिलीटर मुहैया कराया जा सकता है।

डीजल, एलपीजी पर आज निर्णय

सूत्रों ने बताया कि विरोध को देखते हुए फिलहाल डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी टाल दी गई है। हालांकि, इस बारे में औपचारिक फैसला शुक्रवार को मंत्रिसमूह की बैठक में होगा।

रेड्डी इस समय तुर्कमेनिस्तान में हैं और वे निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले ही लौट रहे हैं ताकि पेट्रोल के दाम में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी से उठे सवाल व हालात का सामना कर सकें। जानकार सूत्रों का कहना है कि तापी गैस पाइपलाइन परियोजना के जरिए गैस खरीद संबंधी समझौते के लिए तुर्कमेनिस्तान गए रेड्डी को कल शाम तक लौटना था। अब वह आज शाम ही यहां आ रहे हैं। इसके बाद पेट्रोल के बढ़े हुए दाम में 2.50 रुपये की कटौती का ऐलान संभव है। सूत्रों का कहना है कि डीजल और एलपीजी के दाम बढाने के लिए उच्च स्तरीय मंत्री समूह की बैठक शुक्रवार को होनी है, जिसमें भी रेड्डी को उपस्थित रहना होगा। सूत्रों ने कहा, वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को मंत्री समूह की बैठक में रेड्डी की उपलब्धता के बारे में पूछा था। उन्हें बताया गया कि वह शुक्रवार शाम को लौटेंगे। इसके बाद रेड्डी को पहले ही लौटने के लिए कहा गया।

डीजल-गैस पर मंत्री समूह करेगा फैसला

गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल के दाम बढ़ाने की आजादी है जबकि डीजल, रसोई गैस तथा केरोसिन के दाम के बारे में फैसला मंत्री समूह करता है। सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियां चाहती हैं कि डीजल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए जाएं। एलपीजी सिलेंडरों में तो 400 रुपये तक का इजाफा करने का दबाव है। इस बीच, राज्यों पर राहत देने के लिए दबाव बढ़ रहा है। कुछ राज्य सरकारें अपनी ओर से थोड़ी राहत का जुगाड़ कर रही हैं। पेट्रोल की कीमतों में इजाफे केबाद उत्तराखंड सरकार ने वैट में 25 फीसदी की छूट दी है, जिससे पेट्रोल की कीमत 1.87 पैसे कम हो गई। केरल में भी सेल्स टैक्स घटाया गया है।

31 मई को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान

तेल कंपनियों के झटके से सहमी जनता सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकालने का कोई मौका नहीं चूक रही। मूल्यवृद्धि के खिलाफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 31 मई को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है। राजग के समन्वयक और जद यू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि विपक्षी गठबंधन के सभी सहयोगियों से इस संबंध में विचार-विमर्श किया गया है।

भारत बंद के लिए गठबंधन अपने अन्य सहयोगियों से भी वार्ता करेगा। विपक्षी दल भाजपा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ का नारा देने वाली पार्टी आम जनता के साथ बार बार धोखा कर रही है।

फैसला तेल कंपनियों का : प्रणब

हालांकि इन आरोपों पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना है कि कीमतें बढ़ाने का फैसला तेल कंपनियों का है। सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है।

सरकार विफल : मोदी

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल की कीमतों में भारी वृद्वि करने की कड़ी आलोचना करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।

आम आदमी पर बर्बर हमला : वामदल

वामपंथी दलों ने पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि की घोषणा को आम आदमी पर बर्बर हमला बताया है। इन दलों ने 31 मई को इसके खिलाफ प्रदर्शन करने की भी घोषणा की है। माकपा, भाकपा, आरएसपी और फॉरवर्ड ब्लॉक ने एक बयान जारी कर कहा कि हम पेट्रोल की कीमत में 7.54 रुपये तक की वृद्धि की आलोचना करते हैं। यह आम लोगों पर बर्बर हमला है, जो पहले से ही आवश्यक वस्तुओं की कीमत में वृद्धि से परेशान हैं। बयान में कहा गया है कि वामपंथी दल पहले से ही मूल्य वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पेट्रोल की बढ़ी कीमतें वापस लेने के लिए वामपंथी दल 31 मई को देशभर में प्रदर्शन करेंगे।

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