गीतिका खुदकुशी मामला

नई दिल्ली, 21 सितंबर. पूर्व विमान परिचारिका गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में आरोपी अरुणा चड्ढा ने निचली अदालत में जमानत अर्जी दायर करने की छूट मिलते ही आज दिल्ली उच्च न्यायालय से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली।

न्यायमूर्ति मनमोहन ने आज अरुणा की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए अक्तूबर में कोई तारीख देने से इनकार करते हुए पुलिस को नोटिस जारी किया था। न्यायालय ने अरुणा की जमानत याचिका सुनवाई लिए नवंबर में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था। अरुणा के वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि यदि इतनी लम्बी तारीख मिलेगी तो जमानत की अर्जी का मकसद ही व्यर्थ हो जाएगा, क्योंकि इस मामले में पुलिस आरोप पत्र दायर कर देगी और जब सारी परिस्थिति ही बदल जाएगी।

इस पर रमेश गुप्ता ने जमानत याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। न्यायालय ने इसकी अनुमति देते हुए कहा कि निचली अदालत में नए सिरे से जमानत की अर्जी दायर करने की छूट देने के साथ ही यह जमानत याचिका वापस लेने की अनुमति दी जाती है। इस मामले में आरोपी 40 वर्षीया अरुणा हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल गोयल कांडा की अब बंद हो चुकी एमडीएलआर कंपनी में कार्यरत थी। इसी कंपनी में पीडि़ता गीतिका भी कार्य करती थी। अरुणा ने यह कहते हुए जमानत की मांग की थी कि उसकी सात वर्ष की बेटी और बूढ़े माता-पिता हैं, जिनकी उसे देखभाल करनी है। अरुणा ने यह भी कहा था कि परिवार में कमाने वाली वह एकमात्र सदस्य है।

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