नई दिल्ली. ऑफ  स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने कॅरिअर के पहले टेस्ट मैच में मंगलवार को फि रोजशाह कोटला मैदान में वेस्टइंडीज के खिलाफ  128 रन पर नौ विकेट लेकर भारत की ओर से पर्दापण टेस्ट में दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.

फिरोजशाह कोटला मैदान में चल रहे टेस्ट की पहली पारी में 81 रन पर तीन विकेट लेने वाले अश्विन ने दूसरी पारी में कातिलाना गेंदबाजी कर 47 रन पर छह विकेट लेकर यह कामयाबी हासिल की. उन्होंने मैच में 48.3 ओवर में नौ मेडन समेत 128 रन देकर नौ विकेट झटके. यह विश्व में पदार्पण टेस्ट में 21वां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. दिलीप दोषी को छोड़ा पीछे-अश्विन से पहले पर्दापण टेस्ट में दूसरा सर्वश्रेष्ठ भारतीय गेंदबाजी विश्लेषण लेफ्ट आर्म स्पिनर दिलीप दोषी के नाम था जिन्होंने 11 सितंबर 1979 को आस्ट्रेलिया के खिलाफ  चेन्नई में 85 ओवर में 25 मेडन समेत 167 रन देकर आठ विकेट लिये थे. तमिलनाडु के अश्विन ने अपने करिअर की पहली पारी में 27 ओवर में चार मेडन के साथ 81 रन देकर तीन विकेट झटके जबकि दूसरी पारी में 21.3 ओवर में पांच ओवर में 47 रन देकर छह विकेट लिए. उन्होंने दोनों पारियों में शिवनारायण चंद्रपाल का महत्वपूर्ण विकेट निकाला जिन्होंने पहली पारी में शतक ठोककर कैरेबियाई टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया था.

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड भारतीय के नाम
पदार्पण टेस्ट में विश्व में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी विश्लेषण भारत के ही लेग स्पिनर नरेन्द्र हिरवानी के नाम है जिन्होंने वेस्टइंडीज के ही खिलाफ  चेन्नई में 11 जनवरी 1988 को शुरू हुए टेस्ट में 136 रन पर 16 विकेट लिये थे. उन्होंने तब 33.5 ओवर में छह मेडन रखकर 136 रन दिये थे.

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