वाशिंगटन, 4 अप्रैल. पाकिस्तान को भारत के खिलाफ लगातार आतंकवादी करतूतों को अंजाम देने या दिलवाने का चस्का लग चुका है. यह जुनून पागलपन की ऐसी हद तक पहुंच चुका है कि बार-बार अमेरिका के समझाने-बुझाने के बाद भी खत्म नहीं हो रहा.

भारत के खिलाफ आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने की पाकिस्तान की आदत के कारण ही अमेरिकी रक्षा एजेंसी पेंटागन मानने लगी है कि पाकिस्तान का यह रवैया एक ना एक दिन युद्ध के हालात पैदा कर देगा. पेंटागन का कहना है कि भारत-पाक युद्ध का सीधा मतलब होगा परमाणु युद्ध. अमेरिकी रक्षा एजेंसी के अधिकारी जेम्स मिलर का कहना है कि पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसियां जिस तरह भारत के खिलाफ खड़े आतंकवादी संगठनों को शह दे रहे हैं उससे बेहद जल्द ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं, जिससे कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हो और उस युद्ध की परिणति परमाणु युद्ध के तौर पर हो. उनका कहना है कि दोनों देशों की दुश्मनी का रिश्ता इतना उलझा हुआ है कि उसे संभाल पाना बेहद मुश्किल है और इससे निकलने का रास्ता सिर्फ दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और बाकी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत ही हो सकती है.

भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और आतंकवाद का सीधा रिश्ता अफगानिस्तान से जाकर जुड़ता है. अफगानिस्तान, भारत और पाकिस्तान दोनों का ही दोस्त है. पाकिस्तान, भारत के खिलाफ जिन आतंकवादियों का इस्तेमाल कर रहा है उनका रिश्ता भी कहीं न कहीं अफगानिस्तान से जाकर जुड़ता है. ऐसे में भारत-अफगानिस्तान के बीच बातचीत और अफगानिस्तान और पाकिस्तान के साथ बातचीत आने वाले समय में स्थितियों को बिगडऩे से बचा भी सकती है. अमेरिकी सोच ये है कि भारत को इन देशों के साथ कभी भी बातचीत बंद नहीं करनी चाहिए बल्कि लगातार इनके साथ आपसी विश्वास को बढ़ाने के लिए कुछ ना कुछ करते रहना चाहिए. साथ ही व्यापारिक सहयोग को भी बढ़ाना चाहिए.

भारत को तबाह करना चाहता है हाफिज सईद

लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद का मंसूबा भारत को तबाह करने और मुगल सल्तनत स्थापित करने का है. आतंकवाद विरोधी मामले के अमेरिकी विशेषज्ञ ब्रूस रेडल ने कहा कि पाकिस्तान में सईद एक जाना पहचाना नाम है. उसे सेना और वकील भी पसंद करते हैं. उसका मंसूबा मुगल सल्तनत को वापस लाना और भारत की तबाही है. सईद पर एक करोड़ डॉलर के ईनाम के ऐलान से सईद और पाक का रिश्ता भी प्रभावित होगा.

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