भोपाल,26 अप्रैल, रबी वर्ष 2011-12 में शहडोल संभाग में उत्पादन में 21 प्रतिशत और उत्पादकता प्रति किलोग्राम प्रति हेक्टेयर 24.12 प्रतिशत की और रीवा संभाग में उत्पादन में 22 प्रतिशत और उत्पादकता में प्रति हेक्टेयर किलोग्राम में 18 प्रतिशत वृद्धि हुई है.

बैठक में पता चला कि रीवा और शहडोल संभाग में प्रति हेक्टेयर फसलों का उत्पादन और बढ़ाने की आवश्यकता है. इसके लिए पर्याप्त कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसानों में जागरूकता पैदा करने के लिए अभियान स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए. बैठक में प्रमुख सचिव कृषि आर.के. स्वाई, मार्कफेड के प्रबंध संचालक  अजय तिर्की, रीवा, शहडोल के प्रभारी संभागायुक्त और सभी कलेक्टर, कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, एम.पी. एग्रो के अधिकारी उपस्थित थे.बैठक में शहडोल और रीवा संभाग में रबी 2011-12 की स्थिति, खरीफ फसल 2012 की तैयारी, क्षेत्राच्छादन, पड़त भूमि विकास, बलराम ग्राम और फसल उत्पादकता में वृद्धि, उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण, उद्यानिकी विकास और परि-सम्पत्तियों के अभिलेखीकरण, सहकारिता और कृषि ऋण तथा क्रेडिट-कार्ड वितरण आदि की समीक्षा की गयी.

उल्लेखनीय है कि खरीफ वर्ष 2012 के लिए शहडोल संभाग में 449 हजार हेक्टेयर और रीवा संभाग में 801 हजार हेक्टेयर में क्षेत्राच्छादन का लक्ष्य रखा गया है. इस वर्ष दोनों संभागों में 6,480 हेक्टेयर क्षेत्र में गहरी जुताई का लक्ष्य भी निर्धारित है. कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के तहत भूमि अधिकार-पत्र धारक हितग्राहियों के क्रेडिट-कार्ड का वितरण 31 मई तक पूरा किया जाये. इसी प्रकार अनुसूचित-जाति, जनजाति के किसानों और बलराम ग्राम के किसानों को अधिकाधिक कृषि ऋण उपलब्ध करवाने की कार्रवाई की जाये.

मछली बीज उत्पादन 113 प्रतिशत रहा
मध्यप्रदेश में गत वर्ष 2011-12 के दौरान 6300 लाख स्टैण्डर्ड फ्राई के लक्ष्य के विरुद्ध 7,144 लाख स्टैण्डर्ड फ्राई का उत्पादन हुआ है. इस प्रकार मत्स्य-बीज उत्पादन की उपलब्धि 113 प्रतिशत रही. मछली-पालन विभाग ने चालू माली साल में 10.52 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की दर से 6900 लाख स्टैण्डर्ड फ्राई मत्स्य-बीज उत्पादन का लक्ष्य रखा है.उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010-11 में 6,400 लाख स्टैण्डर्ड फ्राई संचयन के लक्ष्य के विरुद्ध 6,615 लाख स्टैण्डर्ड फ्राई का संचयन किया गया. यह लक्ष्य का 103.36 प्रतिशत था.

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