समयबद्ध तैयारियाँ शुरू, निजी हाथों में होगी बागडोर

भोपाल,27 अप्रैल,प्रदेश में लागू लोक सेवा गारंटी कानून को ज्यादा प्रभावी और सघन बनाने की रणनीति पर समयबद्ध तैयारियाँ शुरू हो गई हैं. इसके चलते सभी जिलों में आगामी 15 अगस्त से लोक सेवा केन्द्र वजूद में आ जायेंगे. इनके संचालन की बागडोर निजी हाथों में सौंपी जा रही है.

राज्य सरकार ने पिछले दिनों जिलों में लोक सेवा केन्द्र कायम करने का फैसला किया था. नीति यह है कि सरकारी दफ्तरों में लोगों के काम बगैर अटके तय समय-सीमा में हो जायें. इसके जरिये काम के बदले पैसे खर्च करने या सरकारी अमले द्वारा पैसे ऐंठने की दुष्प्रवृत्ति भी खत्म की जा रही है. जिलों में इन केन्द्रों की स्थापना और संचालन के लिये निजी ऑपरेटर का चयन वहीं खुली प्रतिस्पर्धात्मक निविदा के जरिये होगा. इसका आवश्यक निविदा प्रपत्र (आरएफपी डाक्यूमेंट) तैयार कर जिलों को भेजा जा चुका है. इस अहम दस्तावेज से ही पूरे काम की प्रक्रिया तय होगी. ऑपरेटर का चयन उसके द्वारा दर्शायी जाने वाली प्रोसेस फीस के आधार पर भी होगा. इसमें यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि जिले के सभी केन्द्रों पर एकरूपता की नजर से सेवा विशेष की प्रोसेस फीस एक-समान हो.

कलेक्टरों को भेजे निर्देश में हर लोक सेवा केन्द्र का अलग आरएफपी तैयार करने को कहा गया है. इस दस्तावेज की कीमत और बिड सिक्यूरिटी की रकम राज्य-स्तर से तय कर दी गई है. इसी तरह केन्द्र स्थापना एवं संचालन की शर्तें भी बता दी गई हैं. जिलों को यह छूट भी दी गई है कि वहाँ लोक सेवा गारंटी कानून की तय और अधिसूचित सेवाओं के अलावा अन्य ऐसी ही सेवाएँ भी चिन्हित कर इन केन्द्रों के जरिये लोगों को दिलवाई जा सकेंगी. ऐसे नगर पालिका क्षेत्र में पृथक केन्द्र कायम हो सकेगा, जहाँ प्रति माह न्यूनतम 2 हजार आवेदन प्राप्त होने की संभावना हो. यह भी साफ किया गया है कि नगर पंचायत में यह केन्द्र कायम नहीं होगा और वहाँ के लोग अपने संबंधित ब्लॉक मुख्यालय के ऐसे केन्द्र से सेवाएँ ले सकेंगे. नगर निगम क्षेत्र में एक या ज्यादा केन्द्र कायम हो सकेंगे. बशर्ते इनमें से प्रत्येक में हर महीने 2 हजार आवेदन आने की संभावना हो.  ब्लॉक मुख्यालय पर कायम केन्द्र अपने क्षेत्र के सभी राजस्व और वन ग्रामों के लोगों को यह सेवाएँ देगा तथा ब्लॉक के तहत नगर पंचायत के लोग भी यहीं से सेवाएँ लेंगे.

Related Posts: