इन्दौर.  25 अप्रैल.  रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल सरसों के कम उत्पादन और पेराई मिलों की बढ़ती मांग के कारण सरसों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। हाल में बारिश के कारण फसल खराब होने से देश में सरसों का उत्पादन 15 फीसदी घटने की आशंका जताई है जबकि दूसरी तिलहन फसलों का भी उत्पादन घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर कम होने की बात कही जा रही है। मांग बढऩे की संभावना है जिसे देखते हुए सरसों सहित सभी खाद्य तेलों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

लगातार महीनेभर की तेजी के बाद बीते सप्ताह सोयाबीन, सरसों, और कूड पाम ऑयल की कीमतों में हल्की गिरावट के बाद स्थिरता देखी गई।   अब इस स्तर से तिलहन फसलों की कीमतें कम नहीं होंगी बल्कि यहां से ऊपर जाने की संभावना ज्यादा है। एक कमोडिटी रिपोर्ट के अनुसार मिलों की लगातार खरीद और 17.50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पेराई मार्जिन पर सरसों की कीमतों में अब गिरावट की उम्मीद कम ही है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग तेज होने के कारण कीमतों में मजबूती आ सकती है।

पिछले महीने हुई बारिश के कारण सरसों की फसल काफी ज्यादा खराब हुई है जिससे इस साल सरसों का उत्पादन 15 फीसदी तक कम हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सरसों की फसल खराब होने की खबरें हैं। यूरोप में भारी ठंड के कारण सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। यूरोप में सरसों का उत्पादन 3.3 फीसदी की कमी के साथ पांच सालों के निम्नतम स्तर पर पहुंच सकता है। रुपये के कमजोर होने से निर्यातकों को फायदा हो रहा है जिससे घरेलू बाजार में कीमतों को पंख लग जाते हैं।

दूसरी तरफ रुपया कमजोर होने ेसे खाद्य तेलों का आयात महंगा हो गया है जबकि भारत में खाद्य तेलों की खपत में इजाफा हो रहा है। देश में 2011-12 में खाद्य तेलों की खपत बढ़कर 14.1 किलोग्राम प्रति व्यक्ति रहने का अनुमान है। ऐंजल कमोडिटी की नलिनी राय के अनुसार आवक कमजोर होने से तिलहन की कीमतें मजबूत रहेंगी। कम स्टॉक और निर्यात मांग तेज होने के कारण आने वाले महीनों में लगभग सभी खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है। कृषि मंत्रालय ने भी तिलहन का उत्पादन अपने पहले के अनुमान से और कम कर दिया है, दूसरे आरंभिक अनुमान में तिलहन का उत्पादन 305.29 लाख टन से घटाकर 300 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है।

सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना आने वाली सरकारी योजना को भी माना जा रहा है। सोयामील प्रोटीन का एक प्रमुख स्रोत है और भारत सरकार शिशुओं और महिलाओं को प्रोटीन युक्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष योजना लाने वाली है जिससे सोयामील की मांग में बढ़ोतरी हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीन के सोयाबीन की खरीद करने की खबरों और अमेरिकी सप्लाई के 16 वर्षो के निम्नतम स्तर पर पहुंचने के अनुमान के कारण अमेरिकी सोयाबीन वायदा की कीमतें 1400 के ऊपर बरकरार रह सकती हैं। अर्जेंटीना ने अपने 440 लाख टन के अनुमान को कम करके 429 लाख टन कर दिया है क्योंकि हाल में वहां भी ओले पडऩे से कुछ फसल नष्ट हुई है।

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