नई दिल्ली, 2 जनवरी. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि मीडिया पर बाहरी नियंत्रण नहीं होना चाहिए. उन्होंने हालांकि इस बात पर बल दिया कि मीडिया को राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और पेड न्यूज जैसी बुराइयों को उखाड़ फेंकना चाहिए.  प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि हमारा मीडिया स्वतंत्र है, देश में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को स्वतंत्र प्रेस की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मीडिया से सनसनी फैलाने से बचने और देश के लिए वास्तव में महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान देने को कहा. मेरा यह भी मानना है कि मीडिया के प्रतिनिधियों को मिल जुलकर कोई ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिसमें निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता को बढ़ावा मिले और सनसनी फैलाने की प्रवृत्ति कम हो. प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि हमारे देश का मीडिया आम तौर पर स्वतंत्र और जीवंत है. स्वतंत्रता के बाद से देश में मीडिया की भूमिका और उसके काम करने के तरीके पर चर्चा होती रही है. नई प्रौद्योगिकी के सहारे अखबार और इलेक्ट्रानिक मीडिया की पहुंच बढऩे को देश के लोकतंत्र के लिए अच्छा बताते हुए प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारतीय मीडिया पेड न्यूज जैसी बुराइयों पर भी सफलतापूर्वक काबू पा लेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि पेड न्यूज जैसी बुराइयों को मिटाने के लिए भारत का मीडिया खुद प्रयास करेगा और इसमें सफल भी होगा. आपको इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि किस तरह से उन मुद्दों का कवरेज बढ़ा सकते हैं, जो वास्तव में हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं. सिंह ने अपने संबोधन में देशवासियों को नववर्ष की मुबारकबाद देते हुए आने वाले वर्ष में देश के लिए सुख समृद्धि की कामना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका पक्का विश्वास था कि भारत की जनता की आकांक्षाओं और भावनाओं को भारतीय भाषाओं के अखबारों के जरिए ही सही तरीके से जाहिर किया जा सकता है. समारोह में अन्य लोगों के अलावा भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी, केन्द्रीय मंत्रियों जयराम रमेश, सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी और मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव भी मौजूद थे.

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