राज्यपाल यादव द्वारा अखिल भारतीय अनुसूचित जाति परिषद के सम्मेलन का शुभारम्भ

भोपाल, 30 सितंबर. राज्यपाल राम नरेश यादव ने आज यहाँ अखिल भारतीय अनुसूचित जाति परिषद के 32वें स्थापना दिवस पर आयोजित अनुसूचित जाति वर्ग के विकास और अधिकार सम्मेलन का शुभारम्भ करते हुए कहा कि जागरूकता, एकता और निरंतरता ही लक्ष्यों को पाने का मूल मंत्र है.

इस मूल मंत्र को जीवन में आत्मसात करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति नैतिकता, चरित्र, राष्ट्र-प्रेम, बंधुत्व, ईमानदारी और समर्पण की भावना के साथ सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन करें. यादव ने समाज से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा पर पूरा ध्यान दें. उन्हें अच्छी तरह से पढ़ायें-लिखायें ताकि नई पीढ़ी विकास की मुख्य धारा से जुड़ सके. इस अवसर पर राज्यपाल ने परिषद की पुनर्प्रकाशित पत्रिका परिषद-संदेशÓÓ का लोकार्पण किया. पूर्व में उन्होंने दीप जलाकर और बाबा साहेब आम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर सम्मेलन का शुभारम्भ किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री और परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.योगेन्द्र मकवाना ने की.

राज्यपाल रामनरेश यादव ने अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण और छुआछूत मिटाने की दिशा में महात्मा गांधी और डा. बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर की अविराम कोशिशों का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को आगे लाने और उन्हें बराबरी के स्तर तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सरकार और समाज, दोनों की है. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग में सम्मिलित जातियाँ, उप जातियाँ और समूह राज्य की कार्यकारी शक्ति हैं. जिसकी शिक्षा और विकास के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है. यादव ने कहा कि अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ देश और समाज के प्रति उत्तरदायित्वों को निभाने के लिए भी सदैव तैयार रहना चाहिए.

डॉ. योगेन्द्र मकवाना ने इस अवसर पर कहा कि विकास और कल्याण के रास्ते में आने वाली कठिनाइयों और बाधाओं का संगठित होकर मुकाबला करना होगा. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए आवंटित धन राशि के किसी प्रकार के दुरूपयोग और इस प्रवृत्ति का विरोध करना होगा. डॉ. मकवाना ने कहा कि जब तक आपसी एकता नहीं होगी तब तक किसी भी संघर्ष में सफलता संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि उनका किसी जाति से नहीं, जातिवादी मनोवृत्ति से विरोध है. पूर्व में परिषद के प्रदेश अध्यक्ष बी.एल.करैन ने स्वागत-भाषण देते हुए अनुसूचित जाति वर्ग की विकास योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए चौकस रहने की अपील की. उन्होंने समस्याओं के बाबत एक ज्ञापन भी राज्यपाल को सौंपा.कार्यक्रम को सेवानिवृत्त न्यायाधीश एन.सी. नागराज और सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी आर.आर. गंगारेकर ने भी संबोधित किया.

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