सरेआम पत्थर से मार डालना चाहिए: आजम

Azam Khanमैनपुरी, 26 दिसंबर. अपने बयानों को लेकर अक्सर सुखिर्यों में रहने वाले उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा है कि बलात्कारियों के लिए फांसी की सजा कम है और उन्हें इस्लामी कानून के मुताबिक सरेआम पत्थर मार-मार कर मार डालना चाहिए।

एक निजी समारोह में शिरकत करने आए आजम खां ने संवाददाताओं से अनौपचारिक बातचीत में दिल्ली में चलती बस में एक लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि ऐसे जुर्म के लिये फांसी की सजा काफी हल्की है। उन्होंने कहा कि किसी की आबरू लूटकर उसे जिंदगी भर का दाग देने वाले लोगों को इस्लामी कानून के मुताबिक ‘संगसारÓ यानी पत्थर मार-मार कर मार डालना चाहिए। खां कल देर रात सैफई से लखनउ वापस लौटते वक्त आगरा मार्ग पर स्थित खानकाहे रशीदिया मस्जिद के सज्जादानशीं से मुलाकात करने के लिए पहुंचे थे।

सपा सांसदों का बहिष्कार करेंगे ट्रेन कोच अटेंडेंट्स
गत 18 दिसंबर को रामपुर में उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान द्वारा हावड़ा मेल के कोच अटेंडेंट निर्मल मुनि को मारे गए थप्पड़ की गूंज रेल मंत्रालय तक जा पहुंच चुकी है। मंगलवार को हावड़ा में हुई एक बैठक में कोच अटेंडेंटों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि अगर आजम खान के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होगा तो उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में पहली जनवरी से कोच अटेंडेंट नहीं जाएंगे और तब तक किसी भी सपा सांसद को ट्रेनों में अटेंड नहीं किया जाएगा।

इस मामले में पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने रेल मंत्री पवन बसंल को लिखे पत्र में कहा कि मंत्री आजम खान ने रेल कर्मचारी को सरेआम पीटा। मुर्गा बनाया व शारीरिक दंड दिया। यह अधिकार उन्हें किसने दिया। प्रताडऩा के शिकार कर्मचारी ने रेलवे पुलिस को शिकायत तो दी है और यह रेल मंत्रालय तक भी पहुंची होगी, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने यह नहीं बताया कि पीडि़त कर्मचारी की सुरक्षा के लिए और आरोपी मंत्री को दंड देने के लिए क्या किया गया। पीडि़त कोच अटेंडेंट नरेंद्र मुनि ने बताया कि वह अभी अपने घर पर ही हैं। अभी उन्हें रेल मंत्रालय और हावड़ा रेल डिवीजन के तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है।

हावड़ा रेल डिवीजन के जीएम वरुण भारतुर ने बताया कि अभी रामपुर से हमें कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलते ही हावड़ा रेल डिवीजन द्वारा रेल मुख्यालय [बड़ौदा हाउस] को रिपोर्ट भेजी जाएगी। कोच अटेंडेंट निर्मल मुनि का रूट चेंज किया जाएगा। हावड़ा रेल डिवीजन के डीआरएम मो. जमशेद ने कहा कि सारे मामले को लेकर हर पहलू पर जांच चल रही है। मालूम हो कि घटना के बाद निर्मल मुनि ने खुद को हावड़ा-अमृतसर रूट से हटाने की मांग की थी।

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