बागली (देवास)  14 नवंबर. आखिरकार नवभारत की खबर के बाद बागली के पास आगुर्ली और साजड़ी बीट में सागवान के सैकड़ों पेड़ों के काटे जाने और वहीं उनकी सिल्लीयां बनाकर इंदौर -देवास तक भेजे जाने के गोरखधंधे मामले में  वन विभाग में हड़कंप मच गया है. मुख्य वनसंरक्षक ने इस मामले में जांच कमेटी गठित की है जो दस दिनों में रिपोर्ट देगी.  गौरतलब है कि नवभारत टीम ने शनिवार को देवास जिले के बागली इलाके में आगुर्ली और साजड़ी बीट का खुफिया स्टींग ऑपरेशन कर चौंकाने वाली तहकीकात उजागर की थी कि जंगल में ही सागवान के पेड़ काटकर लकड़ी तस्कर यहीं सिल्लीयां भी बना रहा हैं.

और फर्जी कागजात के आधार पर इंदौर-देवास तक लकडिय़ां भेजने की गारंटी भी ले रहे हैं. इस खबर के सामने आते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया. इस मामले में मुख्य वनसंरक्षक महेन्द्र यादवेंदु ने जांच के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय समिति गठित की है. इस जांच कमेटी में उत्पादन एसडीओ श्री कोलार, गरोठ के एसडीओ श्री खिंची और उज्जैन के एसडीओ को शामिल किया गया है. यह जांच दल दस दिनों में संबंधित बीट का दौरा कर अपनी रिपोर्ट आला वन अधिकारियों को प्रस्तुत करेंगे. मुख्य वनसंरक्षक ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. इससे पहले डीएफओ ने भी जांच के आदेश दिए. वहीं इस पूरे मामले की शिकायत वन मंत्री सरताजसिंह और मुख्यमंत्री को की गई है. स्वयं सेवी संगठन भी इस मामले को आरटीआई में ले जा रहे हैं. वनमंडलाधिकारी बीएस अन्नागैरी ने नवभारत से बात करते हुए बताया कि इस पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. वे खुद इस पूरे मामले की पड़ताल करेंगे. वहीं बागली क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत और नवभारत की कतरन वनमंत्री सरताजसिंह, मुख्य वन संरक्षक तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भेजी है.

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