• अमेरिका में मची खलबली

11 साल की बच्ची ने ओबामा को दिया करारा जवाब

Barack Obamaवाशिंगटन, 24 जनवरी. पूर्व खुफिया प्रमुख के एक दावे से पूरे अमेरिका में खलबली मच गई है। इसमें कहा गया है कि ड्रोन से विमान पर हमला कर आतंकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और अन्य अमेरिकी नेताओं की हत्या कर सकते हैं।

ओबामा के पहले कार्यकाल में राष्ट्रीय खुफिया निदेशक रहे सेवानिवृत्त एडमिरल डेनिस ब्लेयर ने कहा है कि ड्रोन की तकनीक पूरी दुनिया तक पहुंच गई है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि आतंकियों पर हमला करने और उन्हें मारने के लिए ड्रोन पर अत्यधिक निर्भरता का दांव हमारे लिए उल्टा भी पड़ सकता है। ब्लेयर ने कहा कि वह ऐसा महसूस करते हैं कि यदि अल कायदा ने ड्रोन विकसित कर लिया तो वे सबसे पहले इसका प्रयोग राष्ट्रपति, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य नेताओं की हत्या के लिए करेंगे। उन्होंने कहा कि संभव है कि आतंकी गुट अब वरिष्ठ अधिकारियों को मारने के लिए उच्च तकनीक वाले राइफल या विस्फोटकों से लदे ट्रक का इस्तेमाल न करें और खुफिया तंत्र की आंखों से बचकर ड्रोन का तकनीक हासिल कर लें।

ब्लेयर ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका को रक्षात्मक कदम उठाने होंगे। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से ड्रोन में सर्विलांस और कई अन्य तकनीक लगे हुए हैं जिससे इसके गलत हाथों पर पडऩे का खतरा काफी कम है।
अपने दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जो भाषण दिया, उसने काफी लोगों को प्रभावित किया। ओबामा ने पहली बार समलैंगिक लोगों के अधिकारों की भी बात की, लेकिन 11 साल की सेडी को उनके इस भाषण पर थोड़ी आपत्ति है। सेडी एक ट्रांसजेंडर हैं और उन्हें लगा कि ओबामा ने समलैंगिकों की बात की तो ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों की बात क्यों नहीं की।

अपनी पहचान को लेकर बेहद जागरूक सेडी ने इस बारे में एक लेख लिखा। उसकी मां ने इस लेख को फेसबुक पर डाल दिया। वहां से लोगों ने इसे देखा और आज यह पूरी दुनिया में सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर फैल चुका है। सेडी को 5 साल की उम्र में ही पता चल गया था कि वह ट्रांसजेंडर यानी लड़की के शरीर में एक लड़का हैं। वह अपने अधिकारों को लेकर इतनी सचेत हैं कि उन्होंने अपने लेख में ओबामा को बताया है कि अमेरिका में एक ट्रांसजेंडर होना कितना मुश्किल है।

सेडी लिखती हैं, अगर दुनिया में हर इन्सान को वैसा होने की आजादी हो, जैसा वह है, तो यह रहने के लिए एक बेहतर जगह होगी। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जिनकी लैंगिक पहचान रचनात्मक है। सेडी ने अपने लेख में बताया है कि उन जैसे बच्चों को बहुत सारे स्कूलों में इसलिए दाखिला नहीं मिलता क्योंकि टीचर उन्हें औरों से अलग समझते हैं। वह लिखती हैं, कितना अच्छा हो अगर लोगों को पता है कि ट्रांसजेंडर लोगों के सपने और उम्मीदें वैसे ही हैं जैसे दूसरों के। हमें भी दोस्त बनाना अच्छा लगता है।

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